ADITYAPUR. सृष्टि के महान शिल्पकार और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान श्री विश्वकर्मा का तीन दिवसीय वार्षिक पूजा महोत्सव आदित्यपुर स्थित संयुक्त चालकदल एवं गार्ड लॉबी के परिसर में अत्यंत भव्यता, धार्मिक आस्था और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस पावन अवसर पर पूरा रेलवे परिवार भगवान विश्वकर्मा की भक्ति में सराबोर नजर आया, जिससे संपूर्ण परिसर अलौकिक ऊर्जा और उत्सव के रंगों से सजीव हो उठा.
इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान में 400 से अधिक लोको पायलट, सहायक लोको पायलट (ALP), लोको पायलट शंटर और गार्ड्स ने अपने सुदीर्घ परिवारों व बच्चों के साथ बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. उपस्थित सभी रेल कर्मचारियों ने भगवान विश्वकर्मा के चरणों में शीश नवाकर नमन किया और सुरक्षित, सुगम तथा दुर्घटनामुक्त रेल परिचालन के साथ-साथ देश और समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की.
वैदिक मंत्रोच्चार, महाभोग और भव्य रात्रि भोज का हुआ आयोजन
पूजा की मुख्य तिथि पर विधि-विधान और पवित्र वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कार्य संपन्न हुआ. इसके उपरांत दोपहर में विशाल महाभोग वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं और रेलकर्मियों ने अटूट श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया. रात्रि के समय एक भव्य प्रीतिभोज का आयोजन हुआ, जहां सभी रेलकर्मियों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर एक सौहार्दपूर्ण और पारिवारिक वातावरण में रात्रि भोजन का आनंद उठाया.
बच्चों की कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
महोत्सव को नन्हे-मुन्हे बच्चों के लिए स्मरणीय और मनोरंजक बनाने के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसमें 100 से अधिक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया.

- चित्रांकन (ड्रॉइंग) प्रतियोगिता: बच्चों ने रंगों और अपनी अनूठी कल्पनाशीलता के माध्यम से बेहद मनमोहक चित्र उकेरे.
- नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता: बच्चों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी दर्शकों का मन मोह लिया. इस दौरान सभी प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन कर उन्हें पुरस्कृत भी किया गया.
पूजा कमेटी का सराहनीय योगदान
इस तीन दिवसीय विराट आयोजन को अभूतपूर्व सफलता तक पहुंचाने में पूजा कमेटी के सदस्यों ने अपनी निष्ठा का परिचय दिया. श्री मुकेश सिंह, श्री एस. के. गिरी, श्री एम. के. तिवारी, श्री राजेश कुमार यादव, आरजू कर्मकार, अरनव दास, ओमप्रकाश समेत पूरी पूजा कमेटी का सराहनीय और उल्लेखनीय योगदान रहा. कमेटी के सभी सदस्यों ने दिन-एक रात एक करके हर व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया. तीन दिवसीय इस भव्य और पावन आयोजन की श्रृंखला का औपचारिक समापन आगामी 19 सितंबर को विधि-विधान, पारंपरिक अनुष्ठानों और एक भव्य शोभायात्रा के साथ भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ संपन्न होगा.



