कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रनायकों के प्रति सम्मान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक बेहद अहम और सराहनीय कदम उठाया है। विभाग की ओर से यह सख्त निर्देश जारी किया गया है कि राज्य के अधीन आने वाले सभी सरकारी कार्यालयों में अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी।
सरकार से स्वीकृत तस्वीर ही होगी मान्य
विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कार्यालयों में अपनी इच्छा से या बाजार में उपलब्ध कोई भी सामान्य तस्वीर लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए विशेष तौर पर राज्य सरकार और सूचना एवं संस्कृति विभाग से स्वीकृत चित्र का ही उपयोग किया जाएगा। इन सभी प्रामाणिक तस्वीरों की व्यवस्था अलीपुर स्थित उत्तीर्ण भवन से की गई है, और इसके सुचारू वितरण के लिए सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक राणा देवदास को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
तत्काल क्रियान्वयन के निर्देश
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआई) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी कार्यालयों में इन चित्रों को तत्काल प्रभाव से पहुँचाएं। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि तस्वीरें कार्यालय के भीतर ऐसे स्पष्ट और सम्मानजनक स्थान पर लगाई जाएं, जहां से वे हर आने-जाने वाले को आसानी से दिखाई दें।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सूचना एवं संस्कृति विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और सरकारी तंत्र से जुड़े कर्मियों में देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के त्याग, समर्पण और उनके महान आदर्शों की प्रेरणा को जीवित रखना है। प्रशासनिक अमले में इस आदेश को लेकर तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं।


