नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की ओर से एक विशाल महारैली का आयोजन किया गया। इस महाजुटाव में देश भर से पहुंचे विपक्षी दलों के दिग्गजों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने मुख्य रूप से वोट चोरी, मतदाता सूचियों से नाम हटाने और चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।
राहुल गांधी का तीखा हमला, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे जेल’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रामलीला मैदान से आक्रामक तेवर दिखाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय से वोट चोरी की जा रही है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनावों में भी बड़े पैमाने पर वोट चुराए गए हैं। राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “बेचारे ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं और रात को सो नहीं पाते, लेकिन उन्होंने देश की आवाज को दबाने का सबसे बड़ा जुर्म किया है।” उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की बारी होगी। राहुल ने साफ किया कि यह विरोध प्रदर्शन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की आवाज और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य नेताओं के तेवर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक वोट चोरी करने वाले और लोकतंत्र को कमजोर करने वाले अधिकारी अपने पद से नहीं हटेंगे, तब तक विपक्ष चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एजेंसियों और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर सत्ता हथिया रही है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। उन्होंने रामलीला मैदान को “लोकतंत्र की हल्दीघाटी” बताते हुए कहा कि जनता अब जाग चुकी है और जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि वे चुप नहीं बैठेंगी और लोकतंत्र तथा संविधान को बचाने के लिए सड़क से संसद तक कड़ा संघर्ष करेंगी। इसके अलावा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, राजद नेता तेजस्वी यादव, और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र सरकार की नीतियों और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
विपक्ष की इस महारैली को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आए। रामलीला मैदान और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें 4,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी शामिल रही।
इस मेगा रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और चढ़ने वाला है। विपक्षी नेताओं के इन तीखे तेवरों और हुंकार से साफ है कि आने वाले समय में देश की राजनीति में एक बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।
नेताओं ने क्या कहा
- कांग्रेस नेता अलका लांबा कहती हैं, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि यह रैली न हो, लेकिन लोग बड़ी संख्या में रैली में शामिल हुए।’
- फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “…जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। वे इसे अलग नहीं कर पाएंगे।” ये लोग मुसलमानों पर उंगली उठाते हैं और उन्हें पाकिस्तानी कहते हैं। मैं BJP और RSS से कहना चाहता हूं कि हमने भारत के लिए अपना खून दिया है। हमने पहले भी दिया, आज दे रहे हैं, और कल भी देंगे। यह अंबेडकर का संविधान है। यह भारत का संविधान है। हम सब बराबर हैं, और सबके पास बराबर वोट है। जम्मू और कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। वे इसे अलग नहीं कर पाएंगे।”
- महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रामलीला मैदान की भीड़ को देखकर लगता है कि बदलाव का समय आ गया है। ये लोग हिंदुत्व की बात करते हैं और राम मंदिर से चढ़ावा चोरी करते हैं। आप लोग संघर्ष करें, हम आपके साथ हैं।
- ममता बनर्जी ने कहा, ‘बंगाल एसआईआर का सबसे बड़ा पीड़ित राज्य है। हम चुप नहीं बैठेंगे, हम लड़ेंगे। ममता ने कहा कि भाजपा जाएगी, जाएगी। उन्होंने कहा भाजपा जाने वाली है। ममता ने कहा कि सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी। जेन जी भी साथ आए।
अखिलेश यादव ने कहा, ‘रामलीला मैदान में विपक्ष को एकजुट होता देख अब भाजपा समर्थक भी कहने लगे हैं कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख हिंदुओं के वोट कट गए हैं। भाजपा अब सामने से चुनाव नहीं जीत सकती। बंगाल का चुनाव भी उन्होंने लूटा है। - तेजस्वी यादव ने कहा कि वोट चोरों के लिए महाभारत का आयोजन किया है। सबको पता है कि शकुनि कौन है। ज्ञानेश पीएम मोदी का मोहरा है। इस पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। आरएसएस के लोगों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं है। ये लोग हमें ज्ञान दे रहे हैं कि कौन वोट देगा, कौन नहीं। इन सभी को सबक सिखाने का समय आ गया है। रामलीला मैदान में आए सभी लोग संकल्प लें कि देश के लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।


