रांची. झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार आज आखिरकार समाप्त हो गया है। राज्य में पूरे 10 साल के लंबे अंतराल के बाद आज, रविवार 1 नवंबर 2026 को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित और बड़ी परीक्षा में शामिल होने के लिए राज्यभर से कुल 5,65,916 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा के शांतिपूर्ण, सुचारू और पूरी तरह से निष्पक्ष संचालन के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है और राज्य के सभी 24 जिलों में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
त्रिस्तरीय सुरक्षा और साइबर सेल की कड़ी निगरानी
हाल के दिनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और अनियमितताओं से सबक लेते हुए इस बार सरकार और प्रशासन ने बेहद कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव अविनाश कुमार के सख्त निर्देशों के तहत परीक्षा को पूरी तरह कदाचार मुक्त बनाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों के भीतर स्ट्रांग रूम और सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, असामाजिक तत्वों और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए साइबर सोशल मीडिया सेल को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पेपर लीक या फर्जी प्रश्नपत्र से संबंधित किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहरने और आवागमन के साधनों की भी सुचारू जांच की गई है।
अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जिलों में मेटल डिटेक्टर्स का इस्तेमाल
नकल और प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सुरक्षा के मद्देनजर विशेष रूप से पांच जिलों को कुल 112 हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर्स (हाथ से चलने वाले धातु जांच उपकरण) उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें राजधानी रांची को सबसे अधिक 50, धनबाद को 25, पाकुड़ को 12, जामताड़ा को 12 और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) को 13 उपकरण दिए गए हैं। प्रवेश द्वार पर ही मोबाइल, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की पूरी तरह से जांच की जा रही है।
दो पालियों में परीक्षा का समय और दिशा-निर्देश
यह परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की जा रही है:
प्रथम पाली (कक्षा 6 से 8 के लिए): यह परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित हो रही है। इसके लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 7:30 बजे से शुरू हुआ और सुबह 9:00 बजे मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए।
द्वितीय पाली (कक्षा 1 से 5 के लिए): यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी। इसके लिए परीक्षार्थी दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक ही केंद्र के अंदर प्रवेश पा सकेंगे।
प्रतिबंधित वस्तुएं और विशेष सुविधाएं
परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, किताबें, नोट्स, बैग और पर्स पूरी तरह प्रतिबंधित किए गए हैं। केंद्रों पर इन सामानों को सुरक्षित रखने की कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं होगी। अभ्यर्थियों को अपने साथ प्रवेश पत्र का स्पष्ट प्रिंटआउट और आधार, पैन या वोटर आईडी में से कोई एक मूल फोटो पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। ओएमआर शीट भरने के लिए केवल पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, दृष्टिबाधित, सेरेब्रल पाल्सी और दोनों हाथों से दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार 30 मिनट का अतिरिक्त समय और श्रुतिलेखक की सुविधा प्रदान की जा रही है। किसी भी प्रकार की आपातकालीन समस्या के समाधान के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने विशेष कंट्रोल रूम बनाए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सभी परीक्षार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि वे परीक्षा को शांतिपूर्ण और स्वच्छ माहौल में संपन्न कराने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। अनुचित साधन अपनाने वालों पर झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


