हैदराबाद. चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ (Cyclone Arnab) ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के यानम-काकीनाडा क्षेत्र के तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसका असर अब तटीय राज्यों से लेकर झारखंड तक साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। इस खतरनाक चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में जहां भारी तबाही मची है, वहीं इसका व्यापक प्रभाव झारखंड के मौसम पर भी पड़ने लगा है, जिससे राज्यभर में प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भीषण तबाही
आंध्र प्रदेश के तट से टकराते समय तूफान की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रहे थे। विशाखापत्तनम और बापटला के बीच भारी तबाही की सूचना है। विशाखापत्तनम में कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई और बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सरकार द्वारा अब तक 84,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जिसमें 2,360 गर्भवती महिलाओं को भी विशेष रूप से चिकित्सा सुविधाओं में शिफ्ट किया गया है। राज्यभर में 12 एनडीआरएफ और 10 एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। इसके अलावा, ओडिशा के 16 जिलों में भी एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं और हजारों लोगों को शेल्टर होम भेजा गया है।
झारखंड तक पहुंचा चक्रवात का असर
चक्रवात ‘अर्णब’ का प्रभाव धीरे-धीरे पूर्वी और मध्य भारत के अन्य हिस्सों की तरफ बढ़ रहा है, जिसके चलते झारखंड में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम के कारण झारखंड के कई जिलों में बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार बदल रहे मौसम और संभावित वज्रपात (आकाशीय बिजली) को देखते हुए झारखंड प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसानों और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।
परिवहन और सामान्य जनजीवन पर असर
इस भयंकर चक्रवात के कारण देश के कई हिस्सों में परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सुरक्षा कारणों से कई रूटों पर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं या उनके मार्ग बदले गए हैं। विमानन सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा है, और इंडिगो तथा एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने तटीय क्षेत्रों की ओर जाने वाली अपनी कई उड़ानें प्रभावित होने की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अगले कुछ दिनों तक चक्रवात का असर कई राज्यों में बना रहेगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
अपडेट जारी रहेगा


