मुंबई. भारतीय शेयर बाजार (Share Market) के इतिहास में जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ ने एक ऐसा महा-धमाका किया है, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों को चौंका कर रख दिया है। केवल तीन दिनों के भीतर इस इश्यू ने पुराने तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। वैश्विक स्तर पर बड़े-बड़े फंड हाउस और आम खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के बीच जियो का यह आईपीओ ऐसा आकर्षण बना कि इसने आवेदन और मांग के मामले में सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। कंपनी के इस ऐतिहासिक आईपीओ की शेयर बाजार के दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने जा रही है।
1. सब्सक्रिप्शन और निवेशकों का भारी जनसमर्थन
जियो का यह आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। कंपनी ने बाजार में 19.75 करोड़ शेयर बिक्री के लिए उतारे थे, जिसके मुकाबले निवेशकों ने 438 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) ने इस पर सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया और उनका कोटा रिकॉर्ड 70.55 गुना भर गया। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) ने अपने हिस्से को 14 गुना और रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों ने 2.72 गुना भरकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
2. बनाए गए 7 ऐतिहासिक रिकॉर्ड
रिकॉर्ड मांग (Total Bidding): एंकर बुक को मिलाकर जियो के इस आईपीओ के लिए कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। केवल पब्लिक सब्सक्रिप्शन के जरिए ही कंपनी को 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां मिलीं।
वैश्विक व्यक्तिगत निवेशकों का रिकॉर्ड: जियो प्लेटफॉर्म्स विश्व के वित्तीय इतिहास में 1 करोड़ से अधिक (करीब 1.38 करोड़) व्यक्तिगत निवेशकों के आवेदन हासिल करने वाली पहली कंपनी बन गई है, जिसने वारी एनर्जीज (Waaree Energies) का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
सबसे बड़ा इक्विटी आईपीओ: ₹30,213 करोड़ के इश्यू साइज के साथ यह भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा इक्विटी आईपीओ बन गया है। इसने हुंडई मोटर इंडिया, एनएसई और एलआईसी को भी पीछे छोड़ दिया है।
पूरी तरह फ्रेश इश्यू: यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर है, जिसमें मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज या अन्य वैश्विक निवेशकों ने अपना एक भी शेयर नहीं बेचा। जुटाया गया सारा पैसा सीधे कंपनी के विस्तार में लगाया जाएगा।
तूफानी रफ्तार: आमतौर पर 15,000 करोड़ रुपये से बड़े मेगा आईपीओ को भरने में 2-3 दिन लगते हैं, लेकिन जियो ने पहले ही दिन मात्र 100 मिनट के भीतर 100% सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया।
समय-सीमा में बदलाव: आवेदनों की भारी भीड़ को संभालने के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इतिहास में पहली बार आईपीओ की रोजाना बोली लगाने की समय-सीमा सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक बढ़ा दी।
विशाल बाजार मूल्यांकन (Valuation): 1,119 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो भारत में किसी भी नई लिस्ट होने वाली कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा शुरुआती मूल्यांकन है।
कुल मिलाकर, जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू ने केवल भारी-भरकम पूंजी ही नहीं जुटाई, बल्कि भारतीय निवेशकों की ताकत और रिलायंस के डिजिटल विजन की स्वीकार्यता को वैश्विक मंच पर एक बार फिर स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है। अब निवेशकों की निगाहें आगामी 28 अक्टूबर को होने वाली इसकी धमाकेदार लिस्टिंग पर टिकी हैं।


