जमशेदपुर/भुवनेश्वर:भारतीय रेलवे ने झारखंड और ओडिशा के यात्रियों को बड़ी सौगात देते हुए बहुप्रतीक्षित पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के परिचालन को औपचारिक मंजूरी दे दी है। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आगामी 28 अक्टूबर को अपने गृह क्षेत्र बादामपहाड़ से वर्चुअली या विशेष रूप से इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी। इस रेल सेवा के शुरू होने से कोल्हान क्षेत्र समेत दोनों राज्यों के बीच आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को एक नया आयाम मिलेगा।
दैनिक परिचालन और आधुनिक एलएचबी कोच की सुविधा
चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया के अनुसार, रेलवे बोर्ड के निर्देश मिलते ही इस महत्वपूर्ण रूट के लिए प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। शुरू में इस ट्रेन को सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना थी, लेकिन यात्रियों की मांग और सुविधा को देखते हुए इसे प्रतिदिन (सप्ताह के सातों दिन) संचालित करने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन आधुनिक और सुरक्षित एलएचबी (LHB) कोचों से लैस होगी, जिसका प्राथमिक रखरखाव पुरी में किया जाएगा।
रूट और टाटानगर स्टेशन पर समय-सारिणी
यह ट्रेन ओडिशा और झारखंड के कई प्रमुख औद्योगिक, धार्मिक और शैक्षणिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगी। यह खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, कटक, केंदुझर, बांसपानी, डांगुआपोसी, चाईबासा, सीनी और टाटानगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
समय-सारिणी के अनुसार:
पुरी से बादामपहाड़ जाते समय: यह ट्रेन रात 11:30 बजे टाटानगर स्टेशन पहुंचेगी और 10 मिनट के ठहराव के बाद रात 11:40 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी।
बादामपहाड़ से पुरी लौटते समय: यह ट्रेन शाम 5:55 बजे टाटानगर पहुंचेगी और शाम 6:05 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी।
टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल के अन्य स्टेशनों पर ठहराव मिलने से जमशेदपुर और आसपास के व्यापारियों, छात्रों तथा जगन्नाथ पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी सहूलियत होगी।
राष्ट्रपति के गृह क्षेत्र में रेलवे की रफ्तार हुई तेज
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपने गृह जनपद मयूरभंज और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों से गहरा जुड़ाव रहा है। अपने पूर्व के दौरों में भी उन्होंने हमेशा इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और खास तौर पर रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया है। इससे पहले भी उन्होंने अपने विभिन्न ओडिशा दौरों (जैसे अगस्त 2026 या पिछले वर्षों के ग्रामीण व जनजातीय सम्मेलनों के दौरान) स्थानीय विकास और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दिया है।
रायरंगपुर और बादामपहाड़ क्षेत्र में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ यह नई ट्रेन सौगात इस बात का प्रमाण है कि देश के दूर-दराज के ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों को देश के मुख्य महानगरों और धार्मिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इस ऐतिहासिक शुभारंभ को लेकर स्थानीय नागरिकों और रेलवे यात्रियों में भारी उत्साह का माहौल है।


