मुंबई. कुर्ला पश्चिम इलाके से एक ऐसी दर्दनाक और कंपकंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर महानगरों की बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था के दावों की कलई खोल दी है। मंगलवार की सुबह, जब लोग अपने घरों में चैन की नींद से उठकर दिन की सुनहरी शुरुआत कर रहे थे, तभी एक 13 मंजिला आवासीय इमारत में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में तीन मासूम बच्चों सहित कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे भड़की आग और कैसे फैली दहशत?
नगर निगम के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा मंगलवार सुबह करीब 6:53 बजे कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 में हुआ। आग की शुरुआत इमारत के बिजली के डक्ट (Electric Duct) से हुई, जो देखते ही देखते तारों के सहारे पूरी इमारत में तेजी से फैल गई। कुछ ही पलों में पूरी इमारत जहरीले और घने धुएं के आगोश में समा गई। सुबह-सुबह अचानक छाए इस काले धुएं से लोगों की सांसें घुटने लगीं और डरावना मंजर पैदा हो गया, जिससे हर कोई अपनी जान बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगा।
धुएं और भगदड़ से मची चीख-पुकार
अधिकारियों ने बताया कि आग की लपटों से ज्यादा तबाही उस जहरीले धुएं ने मचाई। इमारत में धुआं भर जाने के कारण आठ लोगों का दम घुटने लगा, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति के दाहिने पैर में गंभीर चोट आई है। घायलों में पांच साल का एक छोटा नासमझ बच्चा, दो किशोरियां और एक बुजुर्ग शामिल हैं, जिनकी सांसें बचाने के लिए परिजनों की आंखें नम हो गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, मुंबई अग्निशमन दल, बिजली कंपनी, 108 एंबुलेंस सेवा और वार्ड के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
समय रहते टला बड़ा हादसा
गनीमत यह रही कि दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए सुबह करीब 7:21 बजे तक, यानी महज आधे घंटे के भीतर ही आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, वरना यह हादसा किसी बड़े नरसंहार में बदल सकता था। सभी नौ घायलों को तुरंत नजदीकी राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह है कि सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
मुंबई में लगातार बढ़ रहे हादसों पर सवाल
गौरतलब है कि मुंबई में पिछले दो दिनों में आग लगने की यह दूसरी दिल दहला देने वाली घटना है। इससे ठीक एक दिन पहले, सोमवार सुबह दादर पश्चिम स्थित 50 मंजिला कोहिनूर स्क्वायर टावर की पहली मंजिल पर स्थित होटल की रसोई में आग भड़क उठी थी। हालांकि गनीमत यह रही कि उस घटना में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था और कोई जनहानि नहीं हुई थी। लगातार सामने आ रही इन वारदातों ने महानगर के लोगों के मन में यह खौफ पैदा कर दिया है कि क्या कंक्रीट के इन जंगलों में उनकी जिंदगी वास्तव में सुरक्षित है?


