मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अभिनेता की कार पर फायरिंग करने वाले तीनों मुख्य शूटरों को कोटा रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। यह गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी मुंबई से दिल्ली की ओर जाने वाली एक ट्रेन में सवार होकर भागने की फिराक में थे।
पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से पहुंचे थे कोटा
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने के बाद ये आरोपी अपनी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी पुणे-जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन (गाड़ी संख्या 12939) से कोटा पहुंचे थे। कोटा पहुंचने के बाद वे मुंबई से दिल्ली जाने वाली अन्य ट्रेन में सवार हो गए, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। हालांकि, मुंबई पुलिस द्वारा साझा किए गए तकनीकी इनपुट्स और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजस्थान पुलिस और कोटा रेलवे पुलिस पूरी तरह मुस्तैद थी।
रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दबोचा
जैसे ही शूटरों के कोटा रेलवे स्टेशन के आसपास होने की सूचना मिली, स्थानीय पुलिस और AGTF की टीमों ने तुरंत एक्शन लेते हुए रेलवे स्टेशन परिसर में घेराबंदी कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के डिब्बे से तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ऋतिक कुमार (निवासी बेगूसराय, बिहार) और रेहान (निवासी सोनीपत, हरियाणा) की पहचान हो चुकी है, जबकि तीसरा आरोपी भी सोनीपत का ही रहने वाला एक नाबालिग है।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि यह सनसनीखेज वारदात 18 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मुंबई के जुहू इलाके में घटी थी। जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल ग्राउंड से अपनी कार से वापस लौट रहे थे, तब बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इस फायरिंग में अभिनेता की कार का ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। गनीमत यह रही कि हमले के वक्त टाइगर श्रॉफ थोड़ा आगे की तरफ झुक गए थे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई, हालांकि कांच के टुकड़े लगने से उन्हें हल्की चोटें आईं।
रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तारी के तुरंत बाद तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोटा के एसपी ऑफिस लाया गया, जहां आला अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे लंबी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फायरिंग के पीछे किस गैंग या मास्टरमाइंड का हाथ है और इन्हें इसके लिए कितनी सुपारी मिली थी। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस अब इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।


