रांची. झारखंड के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य में बारिश और बूंदाबांदी का दौर थमने के बाद अब ठंड की सुहानी आहट शुरू हो गई है। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में इस अचानक उतार-चढ़ाव से राजधानी रांची समेत प्रदेश के तमाम जिलों में सुबह और देर शाम के वक्त हल्की सिहरन और ठंड का अहसास होने लगा है।
सुबह के वक्त छाया हल्का कुहासा और धुंध
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के शुरुआती घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्का कोहरा और धुंध (Fog and Haze) छाए रहने की संभावना है। खासकर शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों और दफ्तर जाने वालों को वातावरण में ठंडक महसूस होने लगी है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही धूप खिलने और आसमान पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। इस बदलाव से दोपहर के समय मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन रात ढलते ही तापमान में लगातार आ रही कमी के कारण ठंड का असर बढ़ने लगेगा।
दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ा
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर अब बढ़ने लगा है। दोपहर में हल्की धूप खिली रहने से मौसम सामान्य और आरामदायक बना रहेगा, लेकिन सूरज ढलते ही पारे में गिरावट आने के कारण लोगों को अपने हल्के गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर होना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने सुबह-सड़क यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी सुबह के वक्त कम दृश्यता (Visibility) को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
क्या आगे और बढ़ेगी ठंड?
झारखंडवासियों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या राज्य में ठंड ने पूरी तरह दस्तक दे दी है? मौसम केंद्र रांची का कहना है कि अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिरने के बाद आगे का मौसम वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह शुरुआती दौर है, जिससे केवल सुबह और शाम के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। अभी कड़ाके की ठंड या शीतलहर के संबंध में कोई भी अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी, लेकिन इतना तय है कि गुलाबी ठंड के साथ अब सर्दियों के सीजन का विधिवत आगाज धीरे-धीरे हो रहा है।
इस बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय तापमान में अचानक आने वाले बदलाव से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें, क्योंकि इस मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।


