चक्रधरपुर: भारतीय रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में दो रेलकर्मियों की तत्परता, सतर्कता और सजगता की वजह से एक भयावह ट्रेन हादसा होते-होते टल गया. घटना 9 सितंबर 2026 की देर रात की है, जब गरपोश स्टेशन के डाउन लाइन स्टार्टर सिग्नल के निकट रेलवे ट्रैक में बेहद गंभीर खराबी उत्पन्न हो गई थी. इस विषम परिस्थिति में अपनी पैनी नजर और पेशेवर सूझबूझ का परिचय देने वाले लोको पायलट ज्ञानी ज्ञानेंद्र तथा असिस्टेंट लोको पायलट सुमित घोष को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तरुण हुरिया ने विशेष रूप से सम्मानित किया है.
अंधेरे में भी भांप ली खतरे की आहट
घटना की रात चारों तरफ गहरा अंधेरा फैला हुआ था. इसके बावजूद अपनी ट्रेन लेकर गुजर रहे लोको पायलटों ने ट्रैक की स्थिति का पूरी बारीकी से अवलोकन किया. गरपोश स्टेशन के डाउन लाइन स्टार्टर के समीप पहुंचते ही उनकी नजर पटरी के उस हिस्से पर पड़ी जहाँ रेलवे लाइन को जोड़ने वाली फिश प्लेट उखड़कर बाहर आ गई थी और पेंडल क्लिप भी अपने स्थान से पूरी तरह छिटक कर अलग हो चुकी थी. लोहे के जोड़ों का इस तरह अलग होना तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था और इससे ट्रेन के पटरी से उतरने का सीधा अंदेशा था.
वीएचएफ सेट से तुरंत दी सूचना, लाल किया गया सिग्नल
पटरी की जर्जर और खतरनाक स्थिति को भांपते ही लोको पायलट ज्ञानी ज्ञानेंद्र और उनके सहयोगी सुमित घोष ने बिना एक पल की देरी किए वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) संचार प्रणाली के जरिए गरपोश के स्टेशन मास्टर को अलर्ट जारी किया. संयोगवश उसी समय 18109 डाउन इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन इसी प्रभावित ट्रैक से होकर गुजरने वाली थी. स्टेशन मास्टर को जैसे ही चेतावनी संदेश मिला, रेलवे नियंत्रण कक्ष और स्टेशन स्टाफ हरकत में आया. फौरन सिग्नल को लाल (Red) कर दिया गया, जिससे इतवारी एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त वाले संवेदनशील मोड़ से काफी पहले ही सुरक्षित रोक लिया गया.
पीडब्ल्यूआई टीम ने दुरुस्त किया ट्रैक
दुर्घटना का खतरा टलने के बाद स्टेशन स्टाफ के साथ पीडब्ल्यूई (Permanent Way) विभाग की तकनीकी टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची. कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद बाहर निकली फिश प्लेट और पेंडल क्लिप को कसकर ट्रैक की मरम्मत का काम पूरा किया. मरम्मत कार्य संपन्न होने के बाद उस रूट से गुजरने वाली सभी यात्री व कोचिंग ट्रेनों के लिए सतर्कता आदेश (Caution Order) जारी किए गए और गाड़ियों को बेहद कम गति व सावधानी के साथ गंतव्य के लिए रवाना किया गया.
डीआरएम ने प्रशस्ति पत्र और नकद राशि देकर बढ़ाया हौसला
रेलवे ट्रैक में आई इस बड़ी खामी को समय पर पहचान कर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले दोनों जांबाज लोको पायलटों की रेलवे प्रशासन ने जमकर सराहना की. चक्रधरपुर स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान डीआरएम तरुण हुरिया ने ज्ञानी ज्ञानेंद्र और सुमित घोष को प्रशस्ति पत्र एवं अप्रिशिएशन अवॉर्ड मनी (पुरस्कार राशि) प्रदान कर सम्मानित किया.
इस अवसर पर सीनियर डीईई (ऑपरेशन) सुजीत कुमार, सीनियर डीएसओ और सीनियर डीएन (को-ऑर्डिनेशन) सहित कई वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे. अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता ही रेल सुरक्षा की सबसे मजबूत दीवार है. इस सम्मान से पूरे चक्रधरपुर मंडल के रेलकर्मियों में भारी उत्साह है और उनका कहना है कि ऐसे प्रोत्साहन से सुरक्षा के प्रति सभी कर्मचारियों का मनोबल व जिम्मेदारी का अहसास और अधिक सुदृढ़ होता है.



