बेंगलुरु. कर्नाटक की राजनीति में बयानों को लेकर एक बार फिर बड़ा घमासान छिड़ गया है. राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी द्वारा ‘इस्लाम को अन्य सभी धर्मों से बेहतर’ बताए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आक्रामक रुख अपना लिया है.
बीजेपी ने इस टिप्पणी को सनातन हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का सीधा अपमान करार दिया है. पार्टी नेताओं का तर्क है कि ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय परंपराओं का मान बढ़ रहा है, देश के भीतर बहुसंख्यक समाज की आस्था को नीचा दिखाने की यह सोच वैश्विक स्तर पर चिंता और गलत संदेश का कारण बन रही है.
कोप्पल में दिया था बयान
यह विवाद कोप्पल जिले के कुकनूर शहर में एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ. मंत्री रायरेड्डी ने दावा किया था कि ‘इस्लाम बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ है क्योंकि इसकी नींव इंसानियत पर आधारित है.’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं मंदिरों या मठों में नियमित रूप से नहीं जाते. इस बयान के सामने आते ही राज्य भर में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
आर. अशोक ने सरकार को घेरा
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उपमुख्यमंत्री कैमरों के सामने सुबह-सुबह मंदिरों में जाकर भक्ति का प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जब उनकी ही कैबिनेट का मंत्री सनातन धर्म और आस्था के केंद्रों का अपमान करता है, तब उनकी चुप्पी इस दोहरे रवैये को उजागर करती है.
अशोक ने आरोप लगाया कि अपनी संस्कृति को नीचा दिखाने वाली यह मानसिकता वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक साख को नुकसान पहुंचाती है.
माफी या बर्खास्तगी की मांग
बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि मंत्री रायरेड्डी तुरंत अपना बयान वापस लें और प्रदेश के सभी हिंदुओं से बिना शर्त माफी मांगें. पार्टी ने कहा कि यदि वे माफी नहीं मांगते हैं, तो मुख्यमंत्री को उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर देना चाहिए.




