अयोध्या. श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मणिरामदास जी की छावनी में संपन्न हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े और अहम निर्णय लिए गए हैं. ट्रस्ट ने राम मंदिर प्रबंधन और मीडिया संवाद को बेहतर बनाने के लिए अब एक नए सचिव और प्रवक्ता की नियुक्ति करने का फैसला किया है. इसके साथ ही, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए चयन प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अगले महीने आधिकारिक रूप से नए सीईओ का चुनाव कर लिया जाएगा.
क्यों पड़ी सचिव की जरूरत?
ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की चयन प्रक्रिया पूरी होने में अभी लगभग एक महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है. चूंकि सावन के पवित्र महीने में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि का अनुमान है, ऐसे में मंदिर व्यवस्था और प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक अस्थायी सचिव की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है, ताकि व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई न आए.
दुष्प्रचार और भ्रामक आरोपों पर ट्रस्ट का कड़ा रुख
मीडिया से लगातार संवाद बनाए रखने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता की भी घोषणा की गई है. ट्रस्ट के सदस्य युग पुरुष स्वामी परमानंद और कार्यवाहक महासचिव कृष्णमोहन द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि तमाम दुष्प्रचार और अतिरेकी तथा आधारहीन आरोपों के बावजूद राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. करोड़ों रामभक्तों की आस्था अडिग है. न्यासी मंडल ने इस अटूट समर्थन के लिए देश-विदेश के भक्तों, संत समुदाय और अवध के समाज के प्रति आभार व्यक्त किया है.
बैठक के अन्य प्रमुख बिंदु और फैसले
- रिक्तियों की पूर्ति: बैठक में न्यासी मंडल के तीन रिक्त स्थानों (चंपतराय एवं अनिल मिश्र के त्यागपत्र तथा अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्रमोहन मिश्र के निधन से खाली हुई सीटें) को भरने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई, जिसे आने वाले हफ्तों में पूरा किया जाएगा.
- चढ़ावा और सुरक्षा की समीक्षा: मंदिर परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के संयोजन और उनकी तकनीकी त्रुटियों की समीक्षा की गई. इसके अलावा, सोने-चांदी के चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता जांचने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक संस्था (मिंट) के साथ चल रही व्यवस्था पर संतोष जताया गया और इसे आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया गया.
- स्टेट बैंक (SBI) की भूमिका पर पुनर्विचार: चढ़ावे की गणना में अनियमितता के मामलों और उसके बाद बैंक की प्रतिक्रिया पर ट्रस्ट ने निराशा जताई है. वित्त समिति को एसबीआई के साथ संबंधों और मानक कार्यप्रणालियों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया है.
ट्रस्ट की अगली बैठक कुछ हफ्तों बाद फिर संभावित है, जिसमें कई और बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं.
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