Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » संसद में महासंग्राम, पीएम मोदी का वो गुप्त चक्रव्यूह, जिसमें वॉकआउट करके खुद ही फंस गया विपक्ष!
देश/दुनिया

संसद में महासंग्राम, पीएम मोदी का वो गुप्त चक्रव्यूह, जिसमें वॉकआउट करके खुद ही फंस गया विपक्ष!

SUMA KUMARBy SUMA KUMARJuly 20, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
सांकेतिक
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

नई दिल्ली. संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही दिल्ली के सियासी गलियारों में भूचाल मचा हुआ है. एक तरफ जहां कांग्रेस और विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन पेपर लीक और राम मंदिर दान विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने को लामबंदी कर रहे, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेगा प्लान’ ने विपक्ष के होश उड़ा दिये हैं.

आलम यह है कि सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्षी खेमे में भारी तोड़-फोड़ हो चुकी है और अब नंबर गेम पूरी तरह बदल चुका है.  क्या विपक्ष को भनक भी थी कि जिस जाल से वो भागने की कोशिश कर रहे हैं, उसमें वो और गहरे धंसते चले जाएंगे? आइए समझते हैं इस मानसून सत्र के उस चक्रव्यूह को, जो मोदी सरकार ने तैयार किया है.

संसद में गूंजेंगे 8 बड़े बिल, ‘वंदे मातरम’ के अपमान पर 3 साल की जेल!

सरकार इस सत्र में 8 बेहद महत्वपूर्ण और कड़े विधेयक पेश करने जा रही है, जो देश की राजनीति और व्यवस्था को बदलकर रख देंगे. इनमें से कुछ पुराने अध्यादेशों की जगह लेंगे तो कुछ पहली बार संसद के पटल पर रखे जाएंगे.

वंदे मातरम को कानूनी ढाल: राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने वाले हैं. इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का जानबूझकर अपमान करने वालों को 3 साल तक की जेल, भारी जुर्माना या दोनों भुगतने होंगे.

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेंगे जज: सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए अदालत में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की जाएगी.

टैक्स और व्यापार में सुधार: आयकर संशोधन विधेयक, 2026 और MSME विकास संशोधन विधेयक के जरिए उद्योगों को वित्तीय राहत देने और व्यापार को आसान बनाने की तैयारी है.

विदेशी फंडिंग पर कड़ा पहरा: विदेशी अंशदान (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए विदेशी चंदे के इस्तेमाल पर बेहद सख्त निगरानी रखी जाएगी.

शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक के तहत UGC, AICTE और NCTE को खत्म कर एक सिंगल रेगुलेटर अथॉरिटी बनाई जाएगी.

विपक्ष का ‘वॉकआउट’ ड्रामा और TMC में बड़ी बगावत

सत्र शुरू होने से ठीक पहले राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 3 घंटे लंबी सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें 40 पार्टियों के नेता जुटे. लेकिन असली हाई-वोल्टेज ड्रामा तब हुआ जब पूरे विपक्ष ने बैठक से सांकेतिक वॉकआउट कर दिया.

पक्ष का गुस्सा इस बात पर था कि सरकार ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों के गुट को इस बैठक में क्यों बुलाया? महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि इन बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने अभी मंजूरी नहीं दी है, फिर भी उन्हें बुलाया गया. वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने साफ कर दिया कि जब 20 सांसद अलग बैठने की मांग कर रहे हैं, तो उन्हें हक से वंचित नहीं किया जा सकता.

सबसे बड़ा सस्पेंस, परिसीमन और महिला आरक्षण का ‘मास्टरस्ट्रोक’

इस पूरे सत्र का सबसे बड़ा सस्पेंस दो बिलों को लेकर है परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण बिल. परिसीमन बिल पास होने का मतलब है कि लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर सीधे 850 तक हो सकती हैं. विपक्ष को डर है कि बीजेपी इस बिल के जरिए 2029 के चुनावों के लिए अपनी पिच तैयार कर रही है. दक्षिण भारत की पार्टियां, विशेषकर डीएमके (DMK), इसका कड़ा विरोध कर रही हैं क्योंकि उन्हें डर है कि इससे दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा.

360 का जादुई आंकड़ा, मोदी सरकार का खतरनाक ‘नंबर गेम’

संविधान संशोधन और परिसीमन जैसे बड़े बिलों को पास कराने के लिए सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत यानी 360 वोटों की जरूरत है. अब जरा इस दिलचस्प राजनीतिक गणित को समझिए.

2024 के चुनावों में एनडीए (NDA) के पास 292 सीटें थीं

जून 2026 में टीएमसी के 20 बागी सांसद और यूबीटी (UBT) के 6 सांसद एनडीए के पाले में आ गए, जिससे आंकड़ा 318 पहुंच गया.

यदि पर्दे के पीछे चल रही रणनीति के तहत डीएमके (22), एनसीपी शरद गुट (8) और जेएमएम (3) का मौन या प्रत्यक्ष समर्थन मिलता है, तो यह आंकड़ा 351 तक पहुंच जाता है.

टर्निंग पॉइंट: अब आप सोच रहे होंगे कि बहुमत के लिए तो फिर भी 9 वोट कम हैं? यहीं पर विपक्ष का ‘वॉकआउट’ पैंतरा सरकार के लिए वरदान बन सकता है. अगर वोटिंग के वक्त विपक्ष सदन से वॉकआउट करता है, तो सदन की कुल संख्या कम हो जाएगी. नतीजतन, बहुमत का आंकड़ा भी नीचे आ जाएगा और मोदी सरकार बेहद आसानी से इस महा-विधेयक को पास करा लेगी!

क्या अपने ही जाल में फंस गया विपक्ष?

इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है विपक्ष जिसे अपनी आक्रामक रणनीति समझकर सदन का बहिष्कार या वॉकआउट करने की प्लानिंग कर रहा है, वो असल में पीएम मोदी के चक्रव्यूह का ही एक हिस्सा हो सकता है. क्या NEET और राम मंदिर दान विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का दावा करने वाला विपक्ष, संसद के भीतर इस नंबर गेम और कड़े कानूनों के चक्रव्यूह में घुटने टेकने पर मजबूर हो जाएगा?

  • Author
  • Recent Posts
SUMA KUMAR
SUMA KUMAR
Content Writer at oceanpost
Content Writer and Digital Journalist at Ocean Post. Suma Kumar extensively covers the railway sector, transport infrastructure, government policies, and major industry updates.
SUMA KUMAR
Latest posts by SUMA KUMAR (see all)
  • CJP का ‘संसद मार्च’ और दिल्ली में घमासान, कानून-व्यवस्था, सरकार की विवशता और विपक्ष का बड़ा दांव - July 21, 2026
  • E20 पेट्रोल से नहीं खराब हो रहे गाड़ियों के इंजन, संसद में सरकार का बड़ा दावा- 23 करोड़ वाहनों में कोई नुकसान नहीं - July 20, 2026
  • संसद में महासंग्राम, पीएम मोदी का वो गुप्त चक्रव्यूह, जिसमें वॉकआउट करके खुद ही फंस गया विपक्ष! - July 20, 2026
किरेन रीजीजू टीएमसी बगावत परिसीमन विधेयक 2026 पीएम मोदी चक्रव्यूह विपक्षी वॉकआउट ड्रामा संसद मानसून सत्र 2026
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleENG vs IND : लॉर्ड्स में ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा का शतक गया बेकार, रोमांचक मैच में सीरीज पर इंग्लैंड का कब्जा
Next Article केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में आएगा बड़ा उछाल! अक्टूबर में होगा बड़ा एलान, लेकिन इस ‘टैक्स पेंच’ भी है
SUMA KUMAR
  • Website

Content Writer and Digital Journalist at Ocean Post. Suma Kumar extensively covers the railway sector, transport infrastructure, government policies, and major industry updates.

Related Posts

देश/दुनिया

बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को अब हर महीने मिलेंगे ₹1,500

July 21, 2026
देश/दुनिया

CBI के कई बड़े केस सुलझाने वाले IPS अधिकारी और त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत, बागपत में शोक की लहर

July 20, 2026
देश/दुनिया

E20 पेट्रोल से नहीं खराब हो रहे गाड़ियों के इंजन, संसद में सरकार का बड़ा दावा- 23 करोड़ वाहनों में कोई नुकसान नहीं

July 20, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

CJP का ‘संसद मार्च’ और दिल्ली में घमासान, कानून-व्यवस्था, सरकार की विवशता और विपक्ष का बड़ा दांव

July 21, 2026

बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को अब हर महीने मिलेंगे ₹1,500

July 21, 2026

बिहार विधानसभा में 7 नए विधेयक पास: ऑनलाइन सट्टेबाजी पर लगा बैन, दाखिल-खारिज का बदला नियम, जानें जनता पर क्या होगा असर

July 21, 2026

श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को राहत, इतवारी और मधुपुर के बीच चलेगी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन, देखें शेड्यूल

July 21, 2026

SER : चक्रधरपुर रेल मंडल में ‘ट्रांसफर पॉलिसी’ पर SDGM का मौन! रोटेशन नीति को ताक पर रख चहेतों पर मेहरबान Sr DCM, 90 दिनों में ‘मर्सी’ के खेल से ‘मनपसंद’ सीटों पर वापसी

July 21, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join OceanPost