- बुमराह की कमी टीम इंडिया को पड़ी भारी, बेन डकेट के ऐतिहासिक शतक से इंग्लैंड ने तीसरा वनडे 27 रन से जीता
लंदन. आलोचकों को अपने बल्ले से करारा जवाब देते हुए पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (138 रन) ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर एक जुझारू शतकीय पारी खेली, लेकिन वे टीम इंडिया को हार से नहीं बचा सके. रविवार को खेले गए तीसरे और निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली. 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 7 विकेट खोकर 360 रन ही बना सकी.
मैच के टर्निंग पॉइंट्स और मुख्य हाइलाइट्स
डकेट का ऐतिहासिक धमाका: इंग्लैंड के बेन डकेट ने 142 रनों की करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली. उन्होंने लॉर्ड्स के मैदान पर विवियन रिचर्ड्स के 47 साल पुराने सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (138 रन) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.
बटलर का तूफान: अंतिम ओवरों में पूर्व कप्तान जोस बटलर ने महज 13 गेंदों में 41 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने आखिरी 5 ओवरों में 82 रन बटोरे.
बुमराह की चोट पड़ी भारी: मैच से ठीक पहले स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाएं घुटने की चोट के कारण बाहर हो गए. उनकी गैरमौजूदगी में भारत के युवा और अनुभवहीन तेज गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए.
सैम कुरन की घातक गेंदबाजी: सैम कुरन ने 75 रन देकर 4 विकेट चटकाए. उन्होंने एक ही ओवर में इशान किशन, श्रेयस अय्यर और विराट कोहली को आउट कर मैच का पासा पलट दिया.
स्कोरकार्ड पर एक नज़र
| टीम | स्कोर | मुख्य बल्लेबाज / गेंदबाज |
| इंग्लैंड | 387/3 (50 ओवर) | बेन डकेट (142), जैकब बेथेल (91), जो रूट (74*) |
| भारत | 360/7 (50 ओवर) |
बिना किसी जश्न के रोहित ने दिखाया दम, विरासत बचाने का था दबाव
39 वर्षीय रोहित शर्मा के भविष्य और टीम में उनकी जगह को लेकर चयनकर्ताओं के बीच चल रही चर्चाओं के बीच उन पर काफी दबाव था. इंग्लैंड की धरती पर अपना आखिरी वनडे खेल रहे ‘हिटमैन’ ने 110 गेंदों में 17 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 138 रन बनाए. हालांकि, शतक पूरा करने के बाद रोहित के चेहरे पर सिर्फ संघर्ष का जज्बा दिखा; उन्होंने न तो बल्ला उठाया और न ही लॉर्ड्स की बालकनी का अभिवादन स्वीकार किया. रोहित ने गिल के साथ 147 और कोहली के साथ 113 रनों की साझेदारी कर उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन मध्यक्रम के ढहने से यह प्रयास अधूरा रह गया.
अनुभवहीन गेंदबाजी और रणनीतिक चूक पर उठे सवाल
जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद मैदान पर उतरी भारतीय पेस बैटरी (प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और गुरनूर बराड़) के पास कुल मिलाकर सिर्फ 51 वनडे मैचों का अनुभव था. धार और अनुभव की इस कमी का फायदा उठाकर डकेट और बेथेल ने दूसरे विकेट के लिए 192 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली. इसके अलावा, कुलदीप यादव को प्लेइंग XI से बाहर रखकर सिर्फ अक्षर पटेल को इकलौते विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में खिलाने की रणनीति पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
2027 वर्ल्ड कप: सीरीज हारने के बाद भी राहें साफ
भले ही भारतीय टीम लॉर्ड्स के मैदान पर यह सीरीज हार गई हो, लेकिन इस मैच ने एक बात साफ कर दी है. रोहित शर्मा की इस फॉर्म और विराट कोहली के अर्धशतक के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि यह दोनों सीनियर खिलाड़ी 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के रोडमैप और योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे.




