रांची. झारखंड में मानसून की रफ्तार अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी टर्फ (Turf Line) के सक्रिय होने के कारण पूरे राज्य का मौसम बदल गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के सभी प्रमंडलों में रुक-रुक कर भारी से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है.
दक्षिण और मध्य झारखंड: सबसे ज्यादा असर, 11 जिलों में भारी अलर्ट
राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्से (कोल्हान और रांची प्रमंडल) में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल रहा है. आज राजधानी रांची समेत कुल 11 जिलों के लिए मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है.
प्रभावित जिले: रांची, खूँटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़ और हजारीबाग.
मौसम की स्थिति: इन जिलों में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो रही है. कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश (Heavy Rainfall) के कारण निचले इलाकों में जलजमाव शुरू हो गया है.
संताल परगना और कोयलांचल: मेघगर्जन के साथ मध्यम वर्षा
दुमका, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ (संताल परगना) के साथ-साथ धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है.
मौसम की स्थिति: इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश रिकॉर्ड की जा रही है. किसानों के लिए यह बारिश राहत बनकर आई है, क्योंकि इससे धान की रोपनी के काम में तेजी आएगी. हालांकि, यहां भी वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका लगातार बनी हुई है.
पलामू प्रमंडल: उमस से राहत, खेती को रफ्तार
गढ़वा, पलामू और लातेहार जैसे जिलों में, जहां शुरुआती दिनों में बारिश थोड़ी कम थी, अब वहां भी मानसूनी हवाएं पहुंच चुकी हैं. पिछले 24 घंटों में इन जिलों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. खेतों में पानी जमा होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं.
तेज आंधी और वज्रपात की गंभीर चेतावनी
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी का भी पूर्वानुमान लगाया है. इस मानसूनी सिस्टम में सबसे बड़ा खतरा वज्रपात (Lightning) का है. हाल के दिनों में राज्य में बिजली गिरने से जान-माल का नुकसान हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन बेहद सतर्क है.
प्रशासन की गाइडलाइन: मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों (पक्के मकानों) में शरण लें. खेतों में काम कर रहे किसान भाई बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे बिल्कुल न छिपें.
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, झारखंड में मानसून का यह मजबूत दौर अगले 3 से 4 दिनों तक लगातार बना रहेगा. राज्य के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर मानसूनी गतिविधियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन कुल मिलाकर पूरे राज्य में वर्षा का कोटा पूरा होने की उम्मीद है. नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी गई है.





