रांची. झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अलर्ट के अनुसार, राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में अगले पांच दिनों तक लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
मौसम के इस नए मिज़ाज ने जहां तपिश वाली गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को सुकून मिलने की आशा है वहीं दूसरी तरफ जलजमाव, वज्रपात और खनन क्षेत्रों में भारी बारिश से आफत की स्थिति भी बनने की आशंका बनने लगी है.
मानसून के सक्रिय होने का सबसे सुखद असर तापमान पर पड़ा है.
- उमस से मुक्ति : लगातार हो रही वर्षा से राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी. इससे सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना और ठंडा होगा.
- खेती को मिलेगी नई ऊर्जा: कृषि प्रधान राज्य झारखंड के किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है. धान की रोपनी और फसलों के विकास के लिए यह बारिश बेहद ज़रूरी मानी जा रही है.
- विस्तृत असर: रांची, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, लातेहार, पलामू और संताल परगना समेत अधिकांश ज़िलों में रुक-रुक कर वर्षा होगी.
आफत : वज्रपात, खदानों में पानी और जलजमाव की चेतावनी
मौसम का यह दूसरा पहलू चिंता बढ़ाने वाला है. रुक-रुक कर और तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश कई क्षेत्रों के लिए आफत बनकर आयेगी.
- औद्योगिक व खनन क्षेत्रों में असर: सारंडा और पश्चिमी सिंहभूम के इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते SAIL की लौह अयस्क खदानों में पानी भरने की आशंका जताते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.
- वज्रपात और तेज हवाएं: IMD ने मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है. ग्रामीण क्षेत्रों में खेत-खलिहानों में काम करने वालों के लिए यह बड़ा खतरा बना रहता है. शहरी जीवन अस्त-व्यस्त: निचले इलाकों में जलजमाव, सड़कों पर फिसलन और दृश्यता (visibility) कम होने से यातायात प्रभावित होता है.
प्रशासन की सलाह: बरतें सावधानी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. ख़राब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा है.



