Raipur. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर की एक अदालत को बताया है कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और उससे संबंधित वेबसाइट ने पिछले 10 साल में 94,400 करोड़ रुपये कथित तौर पर अर्जित किये हैं तथा इसका मुख्य प्लेटफॉर्म अभी भी संचालित हो रहा और ‘‘बड़ी संख्या’’ में पैनल चलाये जा रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में कुछ दिन पहले दाखिल छठे आरोपपत्र में यह बात कही है। इसमें कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है।
एजेंसी ने अदालत को बताया कि महादेव ऐप, जिसके मुख्य प्रवर्तक और पैनल सदस्य छत्तीसगढ़ से हैं, असल में विदेश स्थित सर्वर वाली सट्टेबाजी वेबसाइट का एक समूह है। एजेंसी के मुताबिक, ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ के नाम से जाना जाने वाला यह ऐप बंद हो चुके वॉट्सऐप एवं टेलीग्राम ग्रुप और फेसबुक पेज के जरिए इन सट्टेबाजी वेबसाइट का प्रचार करता है तथा सट्टेबाजी और मनोरंजन के जरिए जल्द पैसे कमाने का प्रलोभन देकर हजारों युवाओं को आकर्षित करता है।
ईडी ने छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पुलिस द्वारा दर्ज सात प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए अक्टूबर, 2022 में पीएमएलए के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने आरोपपत्र में कहा है, ‘‘पीएमएलए, 2002 के तहत जांच के हालिया नतीजों से पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप अभी भी काम कर रहा है और बड़ी संख्या में पैनल संचालित कर रहा है।’’
ईडी ने कहा कि महादेव ऐप के जरिए अपराध से अर्जित कुल आय का अनुमान, इसके पिछले सात साल के संचालन (2019 से) के दौरान 75,000 से 80,000 करोड़ रुपये तक लगाया जा सकता है।
एजेंसी ने कहा कि महादेव की अनुषंगी वेबसाइट, जैसे ‘स्काईएक्सचेंज डॉट कॉम’ और ‘लोटस365 डॉट कॉम’ ने कथित तौर पर अपराध से क्रमशः लगभग 11,000-12,000 करोड़ रुपये और 2,400 करोड़ रुपये अर्जित किए।


