नई दिल्ली. रोशनी, उत्साह और पारंपरिक उल्लास का महापर्व दीपोत्सव इस बार बेहद खास और अद्भुत संयोग लेकर आया है। सामान्य तौर पर धनतेरस से लेकर भाई दूज तक पांच दिवसीय दीपावली पर्व मनाया जाता है, लेकिन इस बार तिथियों के विशेष क्रम और हनुमान जन्मोत्सव के अलग दिन पड़ने के कारण यह पावन पर्व पांच नहीं बल्कि पूरे छह दिनों तक मनाया जाएगा। पर्वों के इस लंबे सिलसिले को लेकर देश भर के बाजारों और आम जनजीवन में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
धनतेरस पर खरीदारी और पूजन का शुभ मुहूर्त
दीपावली के इस महात्यौहार की शुरुआत शुक्रवार को धनतेरस के पावन पर्व के साथ हो रही है। ज्योतिषाचार्य आचार्य डा. सुशांत राज के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुक्रवार शाम 5:56 बजे से शनिवार सुबह 10:46 बजे तक रहेगी। प्रदोषकाल के विशेष संयोग के कारण धनतेरस शुक्रवार को ही मनाई जा रही है।
इस दिन सुबह 7:57 बजे से ही खरीदारी का अत्यंत शुभ समय शुरू हो चुका है। इसके अलावा, शाम 5:27 बजे से रात 8:05 बजे तक घरों में मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देवता और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ-साथ यमराज के निमित्त दीपदान का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन और नए वस्त्र खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
नरक चतुर्दशी और हनुमान जन्मोत्सव का संयोग
पर्व की श्रृंखला में शनिवार को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन चतुर्दशी तिथि सुबह 10:48 बजे से रविवार सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इस पावन अवसर पर शाम 5:25 बजे से रात 8:02 बजे तक घर के मुख्य द्वार पर यम दीपदान करने की परंपरा निभाई जाएगी। खास बात यह है कि इसी दिन हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा, जिसे लेकर मंदिरों और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष तैयारियां की गई हैं।
दीपावली से लेकर भाई दूज तक के अन्य प्रमुख पर्व
दीपावली: रविवार को कार्तिक अमावस्या के दिन मुख्य दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। सूर्यास्त के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का विधान है, जिसके लिए शाम 5:48 बजे से रात 1:33 बजे तक का लंबा और शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा। इस दौरान घरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्वलित कर सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
गोवर्धन पूजा: 10 नवंबर को कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। पूजा का शुभ समय दोपहर 3:15 से शाम 5:24 बजे तक रहेगा।
भाई दूज: 11 नवंबर को भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें दोपहर 1:06 बजे से 3:15 बजे तक अपने भाइयों का तिलक कर सकेंगी। (ध्यान रहे कि दोपहर 12:01 से 1:22 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस अवधि में तिलक करने से बचना चाहिए।)
इस छह दिवसीय दीपोत्सव के दौरान हर दिन का अपना विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जो लोगों के जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।


