जमशेदपुर. सोनारी थाना क्षेत्र के बिंदल मॉल स्थित उडिपी रेस्टोरेंट में हाल ही में हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरी वारदात के पीछे शामिल चार मुख्य साजिशकर्ताओं को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है.
रायपुर से दबोचे गए चार साजिशकर्ता
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एतेशाम बकारिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- शंकर मुंडा (निवासी: सीतारामडेरा)
- रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू (निवासी: परसुडीह)
- मनोज कुमार सरकार (निवासी: प्रमोदनगर)
- दीपू कुमार ओझा (निवासी: बिरसानगर)
पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. रमेश कुमार शर्मा के खिलाफ 13, शंकर मुंडा पर 6, मनोज कुमार के खिलाफ 7 तथा दीपू कुमार ओझा पर 3 मामले दर्ज हैं. आरोपियों के पास से एक अर्टिगा कार और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.
चार लोग हुए थे घायल, TMH में जारी है इलाज
उडिपी रेस्टोरेंट में हुई इस गोलीबारी में डोमिनिक, रिजवान, दिलशान उर्फ दानिय और कृष्णा चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सभी घायलों का इलाज फिलहाल जमशेदपुर स्थित टीएमएच (Tata Main Hospital) में चल रहा है.
सीसीटीवी और फुटेज से शूटरों की पहचान
घटनास्थल से पुलिस ने खाली खोखा, पिलेट्स और खून के नमूने एकत्र किए थे. मॉल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच के बाद दो मुख्य शूटरों की पहचान मोहन यादव और अजीत मंडल के रूप में हुई है, जबकि तीसरे अज्ञात शख्स की पहचान की जा रही है. पुलिस की विशेष टीमें दोनों शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं.
रंजिश, जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़ा विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले की वजह रेलवे की ठेकेदारी और जमीन के क्रय-विक्रय को लेकर पुरानी आपसी रंजिश थी. इसी रंजिश के तहत गिरफ्तार चारों साजिशकर्ताओं ने मिलकर इस गोलीकांड की पूरी योजना तैयार की थी. मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका और मोबाइल डाटा के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.



