रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा देश की स्थिति को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने राज्य और देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मंत्री के इस दावे पर कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भारत का हाल बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हो जाएगा, सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
मंत्रियों और नेताओं के बोल
इरफान अंसारी (झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री): अपने बयान में मंत्री ने दावा किया था कि देश तबाही के कगार पर है। उन्होंने कहा था, “40 लाख युवा वर्ग सड़क पर है, केवल एक आदेश की आवश्यकता है. राहुल गांधी ने युवाओं को रोक कर रखा है। अगर प्रधानमंत्री सचेत नहीं हुए तो हमारे देश का हाल बांग्लादेश और नेपाल से भी बुरा होगा।” हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद मंत्री अपने बयान से पलट गए और इसे भाजपा की चाल बताने लगे।
प्रतुल शाहदेव (भाजपा प्रवक्ता): भाजपा नेता ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा, “इरफान अंसारी अराजकता की भाषा बोल रहे हैं। वह कह रहे हैं कि 40 लाख छात्र सड़कों पर उतरेंगे और सेना से भिड़ जाएंगे। कांग्रेस पार्टी इस देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है।”
दीपक प्रकाश (भाजपा नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष): भाजपा ने इसे देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ बताते हुए रांची के अरगोड़ा थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायत दी है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
विनोद बंसल (विहिप राष्ट्रीय प्रवक्ता): विश्व हिंदू परिषद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री अपनी जिहादी मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। विहिप ने उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और माफी मांगने की मांग की है।
इस तीखे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, जहां भाजपा और अन्य संगठन मंत्री के बयानों को देशविरोधी और अराजकता फैलाने वाला बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी अपने नेता के बचाव में उतर आई है, जिससे झारखंड का सियासी पारा लगातार हाई बना हुआ है।


