आरा. बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित पूर्व कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार सुबह आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सारंगपुर मोड़ के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें इस सनसनीखेज वारदात का एक मुख्य शूटर घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी पवन यादव के दाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय छानबीन की।
हथियार छिपाने की जगह बताने के दौरान हुआ टकराव
पुलिस पूछताछ में आरोपी पवन यादव ने हत्या में प्रयुक्त हथियार को छिपाने वाले ठिकाने की जानकारी दी थी। जब पुलिस टीम उसे वह हथियार बरामद कराने के लिए संबंधित स्थान पर लेकर पहुंची, तो उसने मौका पाकर पुलिस बल पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा लगातार आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसने गोलीबारी जारी रखी। इसके बाद आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई।
15 अक्टूबर को हुई थी रामकुमार सिंह की निर्मम हत्या
यह पूरा मामला गत 15 अक्टूबर 2026 की सुबह का है, जब आरा के नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास पूर्व कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
7 लाख रुपये में तय हुई थी सुपारी
जांच में यह बात सामने आई है कि रामकुमार सिंह की हत्या के लिए करीब सात लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी चंदन सिंह के करीबी और बिहिया थाना क्षेत्र के झौंवा गांव निवासी शूटर पिंटू कुमार को गिरफ्तार किया था। पिंटू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हत्या व शराब तस्करी जैसे करीब दस संगीन मामले दर्ज हैं। पिंटू के खुलासों के आधार पर ही पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। इस ताज़ा मुठभेड़ के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


