नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों का खतरा एक बार फिर भयानक रूप में सामने आया है। पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले ऐतिहासिक इलाके चावड़ी बाजार में एक तीन मंजिला पुरानी और जर्जर इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस भीषण हादसे के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में गहरी चिंता व दहशत का माहौल है।
बीते दो माह पहले 18 अगस्त को पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके की लंबी गली में पुरानी हवेली का हिस्सा गिरकर सड़क पर फैल गया था। इससे रास्ते बंद हाे गये. इलाके में जर्जर इमारत के बार-बार गिरने और निगम के माैन के बीच स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन की ओर से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। भारी-भरकम मलबे को हटाने के लिए क्रेन और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालांकि, संकरी गलियां होने के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक भारी मशीनें पहुंचाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और नगर निगम की कार्यशैली पर खड़े हुए बड़े सवाल
यह कोई पहली बार नहीं है जब दिल्ली में इस तरह का कोई दर्दनाक हादसा हुआ हो। इससे पहले भी सीमापुरी और हर्ष विहार जैसे इलाकों में इमारतें गिरने और लेंटर ढहने से कई मासूमों की जान जा चुकी है। इन लगातार हो रही घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन, नगर निगम (MCD) और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली के पुराने इलाकों में ऐसी सैकड़ों जर्जर और अवैध रूप से निर्मित इमारतें मौत का जाल बनकर खड़ी हैं, जिनमें आज भी हजारों परिवार जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। समय-समय पर कागजी चेतावनियों के बावजूद खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन्हें समय पर खाली न कराना या उन पर सख्त कार्रवाई न करना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
फिलहाल, चावड़ी बाजार में गिरे इस मकान के मलबे से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी से जारी है, और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


