आदित्यपुर / सरायकेला. गम्हरिया थाने के अंतर्गत सामने आए एक संवेदनशील दुष्कर्म मामले के बाद झारखंड पुलिस प्रशासन ने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता और जवाबदेही पूरी तरह बढ़ा दी है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अनुभव भारद्वाज की उपस्थिति में बुधवार देर रात आदित्यपुर, आरआईटी और गम्हरिया थानों का औचक निरीक्षण किया।
इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली, पुलिस व्यवस्था और विशेषकर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करना था।
अभिलेखों और गश्ती व्यवस्था की गहन जांच
देर रात अचानक थानों पहुंचे एसपी मनोज स्वर्गियारी ने सबसे पहले थाना परिसरों की स्थिति, स्टेशन डायरी और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों (रिकॉर्ड्स) की गहन जांच की। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिस कर्मियों से बातचीत कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अलावा, संबंधित क्षेत्रों में रात्रि गश्ती (पेट्रोलिंग) व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की गई और पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से सतर्क रहने तथा क्षेत्र में लगातार गश्त करने के कड़े निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि महिलाओं के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और उनसे जुड़े हर संवेदनशील मामले के प्रति पुलिस का रवैया बेहद संवेदनशील और त्वरित होना चाहिए। उन्होंने ड्यूटी ऑफिसर (OD) को निर्देशित किया कि महिला शिकायतों पर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़िता को समय पर न्याय और सहायता मिल सके।
पुलिसिंग में जवाबदेही और तत्परता बढ़ाने की पहल
गम्हरिया कांड के बाद पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ द्वारा इस तरह अचानक थाना स्तर पर उतरकर निरीक्षण करने और दिशा-निर्देश देने के कदम को पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का यह सख्त रुख यह संदेश देता है कि महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों या मामलों में ढिलाई दिखाने वाले कर्मियों पर उच्च स्तर से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


