जमशेदपुर. सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में एक असहाय महिला के साथ हुई अमानवीय और घृणित घटना के बाद पुलिस विभाग में भूचाल आ गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज स्वर्गियारी के सख्त आदेशों के बाद महकमे पर कड़ा चाबुक चला है। अब तक इस गंभीर प्रकरण में मुख्य आरोपी समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि घोर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में कुल 15 पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है।
मुख्य आरोपी और ड्यूटी अफसर गिरफ्तार
इस वीभत्स घटना का मुख्य आरोपी सिपाही सह वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। इसके बाद, रविवार को एसपी के निर्देश पर ओडी (ड्यूटी) अफसर पुअनि मनोज कुमार साहू और मुंशी सह आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि जब पीड़िता अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी, तो इन पुलिसकर्मियों ने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ा और मामले को दबाने का प्रयास किया।
थाने में तैनात 8 में से एक भी महिला सिपाही नहीं थी मौजूद
विभागीय जांच में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर तथ्य सामने आया है। वारदात की रात थाने में तीन अवर व सहायक अवर निरीक्षक, दो सिपाही और तीन हवलदार यानी कुल 8 जवान तैनात थे। इसके बावजूद थाने में एक भी महिला सिपाही मौजूद नहीं थी, जो सीधे तौर पर पुलिस नियमावली का खुला उल्लंघन है। थाने के भीतर पीड़िता की गुहार पर संवेदनहीन बने रहने के आरोप में ड्यूटी पर मौजूद पूरी टीम पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
रविवार को कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, जिससे कुल निलंबित कर्मियों की संख्या 15 पहुंच चुकी है। इसमें तत्कालीन थाना प्रभारी संजय प्रसाद का नाम भी शामिल है।
नया थानेदार नियुक्त, सख्त निर्देश जारी
दागदार हो चुकी थाने की साख और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए इंस्पेक्टर राजेश टुडू को गम्हरिया का नया थानेदार नियुक्त किया गया है। एसपी मनोज स्वर्गियारी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में थानों में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी के दौरान नशे में मिलने वाले या महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता दिखाने वाले कर्मियों को सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।


