पलामू: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) के दौरान पलामू जिले से एक हैरान करने वाला और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचाने वाला मामला सामने आया है। मेदिनीनगर के रेडमा इलाके में परीक्षा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस जवान की सरकारी एसएलआर (SLR) राइफल अचानक गायब हो गई। हथियार गायब होने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सघन तलाशी के बाद वह सरकारी बंदूक उसी घर में सोफे के नीचे से सुरक्षित बरामद कर ली गई, जहां जवान ठहरा हुआ था।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के नवगढ़ा ओपी में तैनात जवान संजीव तिवारी की ड्यूटी जेटेट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेदिनीनगर में लगाई गई थी। इस दौरान वह रेडमा स्थित अपने एक रिश्तेदार के घर में ठहरा हुआ था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जवान दोपहर में घर के अंदर सो रहा था। जब उसकी नींद खुली और उसने अपनी एसएलआर राइफल को गायब पाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस को दी भ्रामक जानकारी
घबराहट में जवान ने तुरंत मेदिनीनगर टाउन थाना को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए उसने यह झूठी कहानी गढ़ी कि उसका हथियार गाड़ी में रखा हुआ था, जहां से किसी ने चोरी कर लिया। शहर के बीचोंबीच परीक्षा ड्यूटी के दौरान वीवीआईपी और सुरक्षा माहौल के बीच सरकारी हथियार चोरी होने की खबर से पुलिस विभाग में तुरंत आपातकाल जैसी स्थिति बन गई। आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
जवान पर गिरी गाज, निलंबन की कार्रवाई शुरू
पुलिस टीम ने जब घर और आसपास के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जिस एसएलआर राइफल के चोरी होने का दावा किया जा रहा था, वह उसी कमरे में रखे सोफे के नीचे लावारिस हालत में पड़ी मिली।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने इस गंभीर लापरवाही को बेहद सख्ती से लिया है। एसपी के निर्देश पर बिश्रामपुर एसडीपीओ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही, अनुशासनहीनता और अधिकारियों को झूठी सूचना देने के आरोप में जवान संजीव तिवारी को निलंबित करने और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, घटना के वक्त उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति का पता लगाने के लिए उसकी मेडिकल जांच भी कराई जा रही है।


