जमशेदपुर. झारखंड की राजनीति और जमशेदपुर के सार्वजनिक जीवन में एक युग का अंत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता, संगठन के शिल्पकार और जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा का बुधवार को अचानक निधन हो गया। उनके इस आकस्मिक प्रस्थान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे और पार्टी कार्यकर्ताओं को गहरा आघात पहुँचाया है। एक ऐसे जननेता का इस तरह चले जाना, जिन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन की मजबूती और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया, जमशेदपुर के राजनीतिक इतिहास में एक अपूरणीय क्षति है।
शिलान्यास समारोह के लिए निकलते वक्त हुआ हृदयाघात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक विकास कार्य के शिलान्यास समारोह में बतौर मुख्य अतिथि या सहभागी शामिल होने के लिए वे अपने भालुबासा इंदिरानगर स्थित आवास से निकल रहे थे। घर के बाहर वाहन में बैठते ही उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ, जो दिल का दौरा साबित हुआ। उनके बेटे नवीन मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत सीपीआर (CPR) देने की कोशिश की और आनन-फानन में टाटा मोटर्स अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, वहां पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी और चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घर की देहरी से निकलकर सीधे अनंत यात्रा पर निकल जाने की इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
जमीनी स्तर के जुझारू और अनुभवी नेता
चंद्रशेखर मिश्रा की पहचान महज़ एक पदाधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक दिग्गज और जमीनी नेता के रूप में थी। जब उन्होंने जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष का कमान संभाला था, तब उन्होंने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पार्टी के जनाधार को विस्तार देने में अहम भूमिका निभाई थी। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और हर एक कार्यकर्ता को पार्टी की रीढ़ मानकर उनका सम्मान करना उनकी कार्यशैली की मुख्य विशेषता थी। जिलाध्यक्ष पद का दायित्व पूर्ण करने के बाद भी वे हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका में सक्रिय रहे। इसके अलावा, सांसद विद्युत वरण महतो के प्रतिनिधि के रूप में भी उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाई थी।
सहजता, सरलता और स्पष्टवादिता के प्रतीक थे चंद्रशेखर
राजनीति की चकाचौंध से दूर, एक बेहद सहज स्वभाव, साफ-सुथरी छवि और बेबाक व स्पष्ट विचारों वाले व्यक्तित्व के धनी थे चंद्रशेखर मिश्रा। उनके मिलनसार व्यवहार के कारण राजनीतिक विरोधियों के बीच भी उनका हमेशा सम्मान होता था। वे कार्यकर्ताओं के सुख-दुःख में हमेशा सबसे आगे खड़े रहने वाले अभिभावक तुल्य नेता थे।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
इस दिग्गज नेता के निधन पर झारखंड की राजनीति के तमाम दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह, अमरप्रीत सिंह काले, अधिवक्ता राजेश शुक्ल, दिनेश कुमार और गुंजन यादव समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि हमने एक ऐसा वरिष्ठ मार्गदर्शक खो दिया है, जिसकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता।
चंद्रशेखर मिश्रा भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा रोपे गए संगठन के बीज और उनकी जनसेवा की अमिट स्मृतियाँ जमशेदपुर के जनमानस और भाजपा कार्यकर्ताओं के दिलों में हमेशा अमर रहेंगी। ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति दे।


