नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद, देश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। संभावित रूप से 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करने वाले इस बेहद भीषण चक्रवात से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस आपात स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की है।
रेलवे बोर्ड और मंडलों में वॉर रूम सक्रिय
रेल मंत्री ने जानकारी दी है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड स्तर, संभाग और मंडल स्तर पर वॉर रूम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों द्वारा हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लगभग 600 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल और कड़ी निगरानी लागू कर दी गई है।
राहत और बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम
आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने और किसी भी संभावित नुकसान को टालने के लिए रेलवे ने निम्नलिखित खास तैयारियां की हैं:
राहत गाड़ियां: पटरियों की मरम्मत और बहाली के लिए जरूरी सामान से लदी विशेष राहत ट्रेनें कृष्णा नहर, बिट्रागुंटा, मामिडीपुडी, विशाखापत्तनम, पलासा और पोंडुरू जैसे प्रमुख स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं।
इंजन और एम्बुलेंस: आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रमुख रेलवे जंक्शनों पर डीजल लोकोमोटिव, पावर यूनिट और एम्बुलेंस को पूरी तरह तैयार रखा गया है।
मशीनरी की उपलब्धता: पटरियों पर गिरे पेड़ों को हटाने और मलबे को साफ करने के लिए अर्थमूवर, ट्री-कटिंग मशीनें और अन्य अत्याधुनिक बहाली उपकरण थोड़े-थड़े अंतराल पर सुरक्षित स्थानों पर रखे गए हैं।
मौसम पर लगातार नजर और आपदा एजेंसियों से समन्वय
प्रशासन हवा की रफ्तार और जल स्तर में होने वाले बदलावों की हर घंटे जांच कर रहा है। स्थिति पर पल-पल की अपडेट लेने के लिए वरिष्ठ रेलवे अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर कमान संभाले हुए हैं। इसके अलावा, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्राधिकरणों के साथ लगातार समन्वय और संपर्क बनाए रखा गया है।
इस भयंकर चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों में यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होना शुरू हो गया है। प्रशासन की अपील है कि लोग सतर्क रहें, बिना आवश्यक काम के बाहर न निकलें और रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।


