- भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में नया मील का पत्थर
मुंबई. भारतीय उद्योग जगत और ऑटोमोबाइल सेक्टर में टाटा समूह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करते हुए टाटा मोटर्स ने इटली की मशहूर कमर्शियल व्हीकल (वाणिज्यिक वाहन) निर्माता कंपनी ‘इवेको ग्रुप’ (Iveco Group) का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
लगभग 4.5 अरब डॉलर (करीब 37,000 करोड़ रुपये) के उद्यम मूल्य वाले इस मेगा डील ने देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह सौदा साल 2008 में किए गए प्रसिद्ध जगुआर लैंड रोवर (JLR) अधिग्रहण से भी लगभग दोगुना बड़ा है, जिससे वैश्विक बाजार में टाटा का दबदबा और अधिक बढ़ गया है।
इवेको में 89.42 प्रतिशत हिस्सेदारी पर टाटा का कब्जा
इस बड़े अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत टाटा मोटर्स की अनुषंगी कंपनी ‘टीएमएल सीवी होल्डिंग्स बीवी’ द्वारा लाई गई ओपन ऑफर प्रक्रिया हाल ही में संपन्न हुई। इसमें निर्धारित 80 प्रतिशत की आवश्यक सीमा को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों ने भारी संख्या में शेयर टेंडर किए, जिसके परिणामस्वरूप 87.81 प्रतिशत शेयर प्राप्त हुए।
ट्रेजरी शेयरों को घटाकर अब इवेको में टाटा मोटर्स की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 89.42 प्रतिशत हो गई है। कंपनी ने यह हिस्सेदारी 14.40 यूरो प्रति शेयर की दर से हासिल की है। इस रणनीतिक विलय के बाद, टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन, जेएलआर के मुख्य कार्यकारी पीबी बालाजी और टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक गिरीश वाघ को इवेको के नए निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया है, जो भविष्य की दिशा तय करेंगे।
जमशेदपुर प्लांट को मिलेगी अत्याधुनिक यूरोपीय तकनीक
टाटा मोटर्स के सबसे बड़े भारी वाणिज्यिक वाहन (HCV) विनिर्माण केंद्र—जमशेदपुर प्लांट के लिए यह सौदा एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। इवेको के पास भारी खनन ट्रकों, अत्याधुनिक ट्रैक्टर-ट्रेलरों और वैकल्पिक ईंधन इंजन निर्माण की विश्वस्तरीय यूरोपीय तकनीक मौजूद है।
अब दोनों कंपनियों के अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्लेटफॉर्म के साझा होने से जमशेदपुर प्लांट में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के उन्नत और आधुनिक मॉडल तैयार किए जा सकेंगे। इससे न केवल स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और वाहन निर्माण की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा।
ग्लोबल मार्केट में कंपनी की स्थिति होगी बेहद मजबूत
इस ऐतिहासिक विलय के बाद, संयुक्त समूह की सालाना बिक्री 5.9 लाख वाहनों के आंकड़े को पार कर जाएगी। इसके साथ ही, कंपनी का कुल वार्षिक राजस्व लगभग 21 अरब यूरो (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच जाएगा।
इस अधिग्रहण से टाटा मोटर्स को यूरोप, पश्चिम एशिया (Middle East) और लैटिन अमेरिका के उन प्रीमियम और बड़े बाजारों में सीधी और मजबूत पैठ मिल जाएगी, जहां इवेको पहले से ही अपनी धाक जमाए हुए है।
ग्लोबल ऑटोमोबाइल मार्केट में भारत की बढ़त
टाटा मोटर्स द्वारा इवेको का यह अधिग्रहण केवल एक व्यावसायिक सौदा नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल ऑटोमोबाइल मार्केट में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और नेतृत्व क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है। आने वाले समय में यह कदम भारतीय ऑटो उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।


