जमशेदपुर: जरूरतमंदों की मदद करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टील नगरी जमशेदपुर में एक बेहद सराहनीय और अनूठी पहल शुरू की गई है। पुराने सामान को बेकार समझकर फेंकने के बजाय उसे दोबारा उपयोग में लाकर समाज के वंचित तबके तक पहुंचाने की यह कोशिश शहर में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को कम कीमत पर उपयोगी सामान उपलब्ध कराना और संसाधनों का सदुपयोग कर स्वच्छ एवं हरित जमशेदपुर का निर्माण करना है। टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) की ओर से बिष्टुपुर स्थित जी टाउन क्लब के पास री-लाइफ (Re-Life) पहल की शुरुआत की है।
इस दिशा में कंपनी के जनस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख मनोज सिंह शेखावत ने बताया कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत इस अनूठे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसे शहरी एवं आवास विकास मंत्रालय द्वारा भी सराहा गया है।
अभियान की मुख्य बातें और कपड़े मिलने की प्रक्रिया
विशाल संग्रह और रीसाइक्लिंग: शुरुआती चरण में शहरवासियों से लगभग 27 हजार किलोग्राम पुराने कपड़े प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 8 हजार किलोग्राम कपड़े दोबारा इस्तेमाल करने योग्य पाए गए। इन कपड़ों की बेहतरीन तरीके से सफाई और मरम्मत करने के बाद उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और अन्य उपयोग: जो कपड़े दोबारा पहनने योग्य नहीं होते, उन्हें बेकार नहीं जाने दिया जाता। गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की मदद से उनसे दरी, कालीन, बेडशीट और अन्य उपयोगी वस्तुएँ तैयार कराई जा रही हैं, जिससे कचरा कम होता है और पर्यावरण की रक्षा होती है।
प्राथमिकता और विस्तार: इस अभियान की शुरुआत टाटा स्टील यूआईएसएल के सफाई मित्रों को प्राथमिकता देते हुए की जा रही है। इसके बाद इसका दायरा बढ़ाकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका लाभ पहुँचाया जाएगा। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों को सिर्फ सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान के साथ अपनी जरूरत का सामान खरीदने का अवसर देना है।
मात्र 5 रुपये में थैला और 50 रुपये में जींस, तय दरों की सूची
इस पहल के तहत बेहद किफायती और प्रतीकात्मक कीमतों पर सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि हर वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें। प्रमुख सामानों की तय दरें इस प्रकार हैं:
₹05: कपड़े का थैला
₹25: बच्चों के कपड़े, जूते और स्कूल बैग
₹40: महिलाओं की चप्पलें
₹50: पुरुषों के लिए जींस
₹90: अच्छी गुणवत्ता वाली जींस और महिलाओं के लिए साड़ी
4,500 से अधिक पुरानी किताबों से बनेगी सामुदायिक लाइब्रेरी
इस अनूठी पहल के दायरे में केवल कपड़े ही नहीं, बल्कि शिक्षा और ज्ञान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। अभियान के तहत 4,500 से अधिक पुरानी किताबें, उपन्यास और पाठ्यक्रम की पुस्तकें एकत्र की गई हैं। हाल ही में ‘डीएम लाइब्रेरी’ को 1,000 पुस्तकें दान की गई हैं। जल्द ही एक भव्य सामुदायिक पुस्तकालय (कम्युनिटी लाइब्रेरी) शुरू किया जाएगा, जहां नाममात्र की सिक्योरिटी मनी जमा कर लोग निःशुल्क पुस्तकें पढ़ सकेंगे।
दीपावली पर गर्म कपड़े दान करने की अपील और केंद्रों की जानकारी
खास अपील: आगामी दीपावली के पावन पर्व को देखते हुए कंपनी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों में रखे अनुपयोगी सामानों के साथ-साथ स्वेटर, जैकेट और अन्य गर्म कपड़े भी दान करें, ताकि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को राहत मिल सके।
सुविधाजनक केंद्र: शहरवासियों के सहयोग के लिए कंपनी के कुल 12 केंद्र संचालित हैं, जो पूरे सप्ताह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलते हैं। इसके अलावा, नागरिकों की सुविधा के लिए जल्द ही एक बड़ा डेडिकेटेड कलेक्शन सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।


