जमशेदपुर. बिरसानगर थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर स्थित नारायणी कॉम्प्लेक्स के एक मकान में चल रहे अवैध जुए के बड़े अड्डे पर पुलिस ने सुनियोजित तरीके से छापेमारी कर बड़ा भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में समाज के रसूखदार और संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखने वाले कई नामचीन लोग, स्थानीय व्यापारी तथा टाटा मोटर्स के कर्मचारी भी रंगे हाथ पकड़े गए हैं। इस सनसनीखेज कार्रवाई से शहर के व्यावसायिक और संभ्रांत हलकों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
सिटी एसपी ललित मीणा ने एसएसपी कार्यालय के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को पिछले तीन-चार दिनों से लगातार प्रकाश नगर इलाके में अवैध रूप से जुआ संचालन की गुप्त सूचना मिल रही थी। रविवार की देर रात पुलिस को सटीक जानकारी मिली कि प्रीतपाल नामक व्यक्ति के मकान में बड़े पैमाने पर जुआ अड्डा संचालित हो रहा है। घर के बाहर लग्जरी गाड़ियों की लंबी कतारें लगी थीं और लोगों का आना-जाना लगातार बना हुआ था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी के नेतृत्व में बिरसानगर और गोविंदपुर थाना की पुलिस टीम का संयुक्त गठन किया गया। पुलिस दल-बल के साथ जब मौके पर पहुंची, तो वहां की स्थिति देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस को देखते ही वहां भगदड़ मच गई, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर सभी 15 आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
जुए की मेज से मिले 7.65 लाख रुपये और ताश की गड्डियां
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकदी और अन्य सामग्रियां जब्त कीं। पुलिस ने कुल 7,65,400 रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, ताश के पत्ते और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया। पूछताछ और छानबीन के बाद पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
संभ्रांत परिवार और रसूखदार लोग भी शामिल
इस पूरी कार्रवाई का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार होने वाले लोग कोई आम जुआरी नहीं हैं। पुलिस के अनुसार, इस अवैध गतिविधि में शामिल अधिकांश लोग शहर के प्रतिष्ठित और संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखने वाले व्यापारी हैं। इसके अलावा, पकड़े गए लोगों में कुछ चालक और तीन टाटा मोटर्स के कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस बड़े पैमाने पर जुआ अड्डा चलाने वाले मुख्य संचालक प्रीतपाल के पीछे आखिर किसका हाथ है और इस अवैध कारोबार के संरक्षण में कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
सोसाइटी के लोग थे लंबे समय से परेशान
स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रकाश नगर के इस मकान में पिछले दो-तीन महीनों से संदिग्ध गतिविधियों के कारण लगातार हलचल बनी हुई थी। दुर्गा पूजा के ठीक पहले से यहां अनजान लोगों का आना-जाना असामान्य रूप से बढ़ गया था। जिस मकान में यह खेल चल रहा था, वह पहले प्रीतपाल का ही था जिसे उसने बेच दिया था, लेकिन वह उसी में किराए पर रह रहा था।
चूंकि मकान मालिक का परिवार कुछ दिनों से बाहर गया हुआ था, इसलिए इसका फायदा उठाकर दुर्गा पूजा से ठीक पहले उसने इसे जुए का अड्डा बना लिया। मकान के बाहर लगातार महंगी गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की भीड़ जुटने के कारण स्थानीय सोसाइटी के लोग पहले से ही काफी परेशान थे। रविवार की रात जब भीड़ हद से ज्यादा बढ़ गई और एक व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में हथियार जैसी चीज लेकर अंदर जाते देखा गया, तब स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि शहर में कानून व्यवस्था और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। संभ्रांत और रसूखदार परिवारों के लोगों के इस प्रकार के गैरकानूनी कृत्यों में पकड़े जाने से यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।


