जमशेदपुर. बागबेड़ा, जिसे अक्सर स्थानीय गलियारों में ‘राजनीति की पाठशाला’ या ‘नेतृत्व की नर्सरी’ कहा जाता है, एक बार फिर अपने ही अंतर्द्वंद्व और प्रशासनिक उदासीनता के कारण चर्चा में है। यहां हर तीसरे घर में राजनीति के पैरोकार और खुद को बड़ा नेता कहने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है।
हालांकि, जब बात कॉलोनी की बुनियादी और जन-उपयोगी सुविधाओं को सुचारू रखने की आती है, तो यही तमाम बड़े चेहरे और जनप्रतिनिधि पूरी तरह गायब नजर आते हैं। बागबेड़ा में एक बार फिर कचरा उठाव जैसी बेहद संवेदनशील जनसुविधा का ठप होना इस कड़वी सच्चाई का सबसे बड़ा उदाहरण है।
सुपरवाइजर से दुर्व्यवहार के बाद कचरा उठाव है ठप
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब बागबेड़ा कॉलोनी में जन-सहयोग के आधार पर कचरा उठाव का कार्य चल रहा था। व्यवस्था को गति देने के लिए मैदानी स्तर पर एक सुपरवाइजर अपनी टीम के साथ मुस्तैद था। लेकिन कुछ स्थानीय लोगों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने इस व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। कचरा उठाव के एवज में मामूली राशि देने के समय कई लोग तरह-तरह के बहाने बनाते दिखे।
कुछ लोगों ने यह कहकर राशि देने से मना कर दिया कि समय पर कचरा संग्रहण नहीं होता है। इसी बात पर उपजे विवाद के दौरान सुपरवाइजर के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने काम छोड़ दिया और कॉलोनी में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया।

कचरा उठाव के लिए बीडीओ ने की पहल
कचरा उठाव ठप होने के चंद दिनों के भीतर ही पूरे इलाके की स्थिति बद से बदतर होने लगी है। घरों में कूड़ा जमा होने लगा और लोग परेशान हो उठे। इस विकट परिस्थिति से निजात पाने के लिए पंचायत समिति सदस्यों और स्थानीय लोगों ने गुरुवार को जमशेदपुर बीडीओ सुमित प्रकाश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और कचरा संग्रह वाहन का नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की।
बीडीओ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि वाहन में तकनीकी खराबी, सुपरवाइजर के इस्तीफे, सीएनजी की अनुपलब्धता और कचरा शुल्क की नियमित वसूली न होने के कारण यह सेवा प्रभावित हुई थी। उन्होंने मौके पर ही आश्वासन दिया कि अब सीएनजी उपलब्ध करा दी गई है और शुक्रवार से कचरा उठाव का कार्य पूरी तरह नियमित कर दिया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर कमेटी गठन का प्रस्ताव
बैठक के दौरान पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, झरना मिश्रा और बन्ना गुप्ता फैंस क्लब के अध्यक्ष अनिल सिंह ने व्यवस्था को भविष्य में सुचारू रखने के लिए एक स्थानीय कमेटी गठित करने तथा किसी स्थानीय व्यक्ति को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा, जिस पर बीडीओ ने अपनी सहमति जताई। साथ ही, लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में श्रवण मिश्रा, सोनू पंडित, सीनू राव, सुनील सिन्हा, नेहा श्रीवास्तव, आकाश मिश्रा समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।


