सेना की जासूसी करने के आरोप में पकड़ी गयी तेलंगाना की रहने वाली यह महिला उच्च शिक्षित है। उसने साल 2021 में बेंगलुरु से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री और 2022 में जिनेवा से पीजी की पढ़ाई पूरी की थी। वर्ष 2023 में उसने संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ आईटी इंटर्नशिप भी की थी।
नई दिल्ली. देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के एक मेजर रैंक के अधिकारी की पत्नी पर चीनी खुफिया एजेंसियों को देश से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां साझा करने का गंभीर आरोप लगा है। इस सनसनीखेज खुलासे ने रक्षा हलकों और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी महिला के पास से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज और एक चीनी एजेंट के साथ व्हाट्सएप चैट बरामद हुई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
कैसे हुआ खुलासा और क्या मिला फोन में
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने गत 14 अक्टूबर को जम्मूतवी रेलवे स्टेशन से महिला को उस वक्त दबोचा, जब वह पठानकोट जाने के लिए ट्रेन पकड़ने की तैयारी में थी। उसे तुरंत एक सैन्य स्टेशन ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई और उसका मोबाइल फोन ज़ब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया।
जांच के दौरान महिला के फोन से जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उसके डिवाइस से कई संवेदनशील विषयों पर शोध और दस्तावेज मिले हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC), अरुणाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects), और सैन्य ड्रोन की तैनाती से जुड़ी सामरिक जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा, मानेकशॉ सेंटर में हुई भारत-इटली रक्षा बैठक, भारतीय सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा और भारत-रूस रक्षा समझौतों से जुड़े गुप्त दस्तावेज भी उसके पास से बरामद हुए हैं।
एआई टूल्स का इस्तेमाल और संदिग्ध विदेशी संपर्क
आरंभिक जांच में सामने आया है कि महिला ने इन संवेदनशील रिपोर्टों और शोध पत्रों को तैयार करने के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) और क्लाउड (Claude) जैसे आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। हालांकि महिला का दावा है कि उसने जो भी सामग्री तैयार की, वह पूरी तरह ओपन-सोर्स और एआई प्लेटफॉर्म्स पर आधारित थी, लेकिन जांच एजेंसियां यह खंगाल रही हैं कि क्या उसने फ्रीलांस रिसर्च के नाम पर जानबूझकर विदेशी ताकतों को देश की गोपनीय जानकारियां परोसी हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तेलंगाना की रहने वाली यह महिला उच्च शिक्षित है। उसने साल 2021 में बेंगलुरु से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर डिग्री और 2022 में जिनेवा से पीजी की पढ़ाई पूरी की थी। वर्ष 2023 में उसने संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ आईटी इंटर्नशिप भी की थी। इसी दौरान उसने कई विदेशी नागरिकों से संपर्क साधा था।
आरोप है कि यूएन इंटर्नशिप के दौरान ही उसका संपर्क एक चीनी नागरिक से हुआ, जिसके वह लगातार संपर्क में थी। इसके अलावा, साल 2024 में वह सोशल मीडिया के जरिए एक मलेशियाई नागरिक के भी संपर्क में आई, जो एक कंसल्टेंसी चलाता था और कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहा था। उसकी शादी अक्टूबर 2023 में भारतीय सेना के मेजर से हुई थी।
कानूनी शिकंजा और देश की सुरक्षा पर सवाल
इस गंभीर मामले में जम्मू के गांधी नगर थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा, आपराधिक साजिश रचने और देश की संप्रभुता के खिलाफ अपराध करने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि अभी तक महिला की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेन-देन का व्यापक फोरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं ताकि इस जासूसी नेटवर्क की गहरी जड़ों तक पहुंचा जा सके। यह घटना सामरिक सुरक्षा और गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।


