भुवनेश्वर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पलामू से तीन बार सांसद रह चुके बृज मोहन राम ने रविवार को ओडिशा के 28वें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। भुवनेश्वर के लोक भवन के अभिषेक हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने उन्हें शपथ दिलाई।
इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, कई कैबिनेट मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने श्री राम को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
शपथ ग्रहण से जुड़े मुख्य बिंदु:
पूर्व कार्यकाल: बृज मोहन राम ने हरि बाबू कंभमपति का स्थान लिया है, जिन्होंने 3 जनवरी 2025 को इस पद का कार्यभार संभाला था।
नियुक्ति: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को पलामू के मूल निवासी बृज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया था।
धार्मिक यात्रा: राज्यपाल बनने के बाद शनिवार को परिवार समेत ओडिशा पहुंचे बृज मोहन राम ने भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सीधे पुरी स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर जाकर दर्शन और पूजन किया।
राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
बृज मोहन राम झारखंड की राजनीति के एक अनुभवी और दिग्गज नेता माने जाते हैं। वे झारखंड के पलामू संसदीय क्षेत्र से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। जमीन से जुड़े एक लोकप्रिय नेता के रूप में उनकी पहचान रही है। उनके इस संवैधानिक पद पर आसीन होने से झारखंड और ओडिशा दोनों राज्यों के राजनीतिक हलकों में खुशी की लहर है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें विश्वास है कि राज्यपाल बृज मोहन राम के दीर्घकालिक अनुभव और कुशल मार्गदर्शन से ओडिशा की विकासयात्रा और अधिक गति पकड़ेगी।
वहीं, बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी नए राज्यपाल को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में राज्य का यह गरिमामय संवैधानिक पद सच्ची लोकतांत्रिक भावनाओं और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करेगा।
इस नए दायित्व के साथ बृज मोहन राम ने ओडिशा के विकास और जनहित के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका की शुरुआत कर दी है।


