जमशेदपुर. उत्सव और उल्लास के बीच आयोजित होने वाले डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. शहर में हो रहे विभिन्न डांडिया आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
हिंदूवादी संगठन इस मामले में पूरी तरह से गंभीर रुख अपनाए हुए हैं और उनका साफ कहना है कि किसी भी सामूहिक या सांस्कृतिक समारोह में लोग अपनी वास्तविक पहचान के साथ ही हिस्सा लें.
इसी कड़ी में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को हिंदू उत्सव समिति के सदस्य अचानक शहर के प्रमुख डांडिया आयोजनों में पहुंच गए और वहां पहुंचाने लोगों के पहचान को जानने का प्रयास शुरू कर दिया.
अचानक पहुंचे और जांचने लगे फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रवि सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में हिंदू कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख स्थलों पर चल रहे कार्यक्रमों का रुख किया. इस दौरान मुख्य रूप से रीगल मैदान, होटल केनेलाइट और बाराद्वारी मैदान में चल रहे डांडिया आयोजनों की औचक जांच की गई. समिति के सदस्यों ने वहां मौजूद पुरुष प्रतिभागियों के आधार कार्ड के साथ-साथ उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल, जैसे फेसबुक आईडी और इंस्टाग्राम आईडी की भी गहनता से जांच की.
समिति का दावा है कि पूछताछ में रीगल मैदान में शुरुआती समय में ही कई ऐसे युवकों की पहचान की गयी जो कथित तौर पर अपनी पहचान छुपाकर कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इन मामलों की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना प्रभारी और प्रशासन को दे दी गई है ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.
सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और संगठन का कड़ा रुख
हिंदू उत्सव समिति का यह कड़ा रवैया इस बात को लेकर है कि वे हिंदू संस्कृति में किसी भी ऐसे बाहरी या संदिग्ध तत्व को शामिल नहीं होने देंगे जो सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के बजाय अपने निहित स्वार्थों के लिए कार्यक्रमों का उपयोग करने के इरादे से पहचान बदलकर पहुंचते हैं. संगठन का स्पष्ट मत है कि इस तरह के आयोजनों की पवित्रता और सुरक्षा सर्वोपरि है.
समिति ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि उनका यह निगरानी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और शहर में होने वाले हर एक आयोजन पर उनकी पैनी नजर बनी हुई है. इस पूरे घटनाक्रम और संभावित सुरक्षा या सांस्कृतिक चिंताओं को लेकर प्रशासन को पहले ही पूरी तरह से आगाह कर दिया गया है.
वर्तमान में इस मामले से जुड़ी प्रशासनिक और स्थानीय जांच जारी है, जिससे शहर के अन्य आयोजनों में भी सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियमों को लेकर आयोजकों और प्रशासन की चौकसी बढ़ गई है.


