New Rules October 2026: अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी के जीवन, पैसों और बजट से जुड़े कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. बैंकिंग, निवेश, टैक्स, एलपीजी और रोजमर्रा की खरीदारी से जुड़े नियम 1 अक्टूबर से बदलने वाले हैं. इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है, इसलिए इनके बारे में समय रहते जान लेना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं इस महीने होने वाले उन 8 प्रमुख बदलावों के बारे में जो आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं:
1. छोटी बचत योजनाओं की नई ब्याज दरें
सरकार द्वारा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं जैसी छोटी बचत योजनाओं की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों की समीक्षा की जाएगी. नई दरें आने के बाद निवेशकों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि वे अपना पैसा कहां निवेश करें.
2. आरबीआई की बैठक और रेपो रेट का फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होगी, और 7 अक्टूबर को रेपो रेट को लेकर बड़ा फैसला सामने आएगा. वर्तमान में रेपो रेट 5.25 फीसदी पर है. यदि इसमें कोई बदलाव होता है, तो आने वाले समय में लोन की ईएमआई और एफडी की ब्याज दरों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.
3. एसबीआई एटीएम से पैसे निकालना होगा महंगा
एसबीआई के कुछ सैलरी पैकेज अकाउंट ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम इस्तेमाल करने के नियम 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे. अब ऐसे ग्राहकों को दूसरे बैंकों के एटीएम से महीने में केवल 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन ही मिलेंगे (पहले यह सीमा 10 थी). फ्री लिमिट खत्म होने के बाद वित्तीय लेनदेन पर 23 रुपये + जीएसटी और गैर-वित्तीय लेनदेन पर 11 रुपये + जीएसटी का चार्ज वसूला जाएगा.
4. एफडी (FD) के नियमों में बदलाव
आरबीआई के फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नए नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे, जिसमें 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा के बल्क डिपॉजिट पर बैंकों को ब्याज दरें तय करने में अधिक छूट मिलेगी. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर आम ग्राहक की रिटेल एफडी की दरों में तुरंत बदलाव हो जाएगा, बैंक अपनी जरूरत के अनुसार फैसले लेंगे.
5. बीएसबीडी खाताधारकों के लिए कैश निकासी नियम
एसबीआई के बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों के लिए महीने में पहली 4 नकद निकासी ही मुफ्त होंगी. इसके बाद हर अतिरिक्त कैश विड्रॉल पर 15 रुपये + जीएसटी देना होगा. इसमें आधार कार्ड आधारित भुगतान प्रणाली (AePS) से की गई निकासी भी शामिल होगी, हालांकि डिजिटल ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे.
6. एलपीजी और यूपीआई से जुड़े बदलाव
सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के लिए 1 अक्टूबर से आधार बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य कर दी गई है. इसे डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित ऐप के जरिए पूरा किया जा सकता है. इसके अलावा, 2,000 रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई मर्चेंट भुगतानों पर नया एमडीआर (MDR) स्ट्रक्चर लागू होगा, लेकिन इसका अतिरिक्त भार ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा.
7. आईटीआर (ITR) की डेडलाइन
टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि तय की गई है. यह डेडलाइन सभी करदाताओं के लिए नहीं है, इसलिए अपनी टैक्स श्रेणी के अनुसार समय सीमा का विशेष ध्यान रखें.
8. कार और इलेक्ट्रॉनिक सामान हो सकते हैं महंगे
त्योहारों के मौसम में ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदना महंगा पड़ सकता है. मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियों ने पहले ही कुछ वाहनों के दाम बढ़ा दिए हैं. इसके अलावा, तांबा, एल्युमिनियम, स्टील और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने के कारण एसी, एलईडी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुएं भी 3 से 8 प्रतिशत तक महंगी हो सकती हैं.



