जमशेदपुर/रायपुर
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव के बिंदल मॉल में हुए हाई-प्रोफाइल गोलीकांड में पुलिस को एक बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल हुई है. मॉल के ‘उडुपी रेस्टोरेंट’ में दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश रचने के आरोप में जमशेदपुर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने छत्तीसगढ़ के रायपुर से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों में टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपु ओझा शामिल हैं. इन्हें रायपुर स्थित टोल प्लाजा के पास से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया.
प्रत्यक्ष हमलावर नहीं, साजिश की डोर इनके हाथ
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी वे नहीं हैं जिन्होंने सीधे रेस्टोरेंट में घुसकर गोलियां चलाई थीं. हालांकि, वारदात का पूरा ताना-बाना बुनने, रेकी करने और साजिश को अंजाम तक पहुँचाने में इनकी मुख्य भूमिका सामने आई है.
शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे, जब बिंदल मॉल में चहल-पहल थी, बाइक पर आए नकाबपोश अपराधियों ने उडुपी रेस्टोरेंट को निशाना बनाया और ताबड़तोड़ लगभग 11 राउंड फायरिंग कर दी. इस हमले में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज शहर के प्रमुख अस्पताल में चल रहा है.
CCTV फुटेज से बंगाल और छत्तीसगढ़ तक जुड़ा सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा और जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था. पुलिस ने मॉल और आसपास के पूरे रास्ते के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से पड़ताल की. फुटेज में मिली संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिससे सुराग सीधे पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की ओर जुड़ते दिखे. इसी के बाद पुलिस टीम ने रायपुर में दबिश देकर चारों आरोपियों को धर दबोचा.
रंजिश, जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी का एंगल
पुलिस जांच में अब तक इस वारदात के तार शहर में चल रहे विवादित जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़ते दिख रहे हैं. बताया जा रहा है कि हमले में घायल डोमनिक सैमसन का रेलवे ठेकेदारी से जुड़ा पुराना विवाद चल रहा था, वहीं घायल रिजवान का नाम जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ है. पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आपसी रंजिश में इस तरह की खतरनाक वारदात की साजिश किसने और क्यों रची.
असली शूटरों और हथियार सप्लायरों की तलाश तेज़
चारों साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का अगला मुख्य फोकस उन शूटरों तक पहुँचना है जिन्होंने असलहे का इस्तेमाल किया था. इसके अलावा, हथियार कहाँ से उपलब्ध कराए गए और वारदात के बाद अपराधियों को भागने में किसने मदद की, इसकी कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मुख्य शूटर भी सलाखों के पीछे होंगे.



