Ranchi. झारखंड में चार लाख से अधिक राशन कार्ड फिलहाल सस्पेंड किए गए हैं। अब खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज का लाभ केवल पात्र परिवारों तक पहुंचे। विभाग की जांच में मुख्य रूप से ऐसे राशन कार्ड शामिल हैं, जिनसे लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं किया गया है। एक अक्टूबर से स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके तहत लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों को निष्क्रिय किया जा सकता है।
इसके अलावा राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों के नाम का आधार से मिलान किया जा रहा है। जांच में यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक राशन कार्ड या अलग-अलग स्थानों पर तो दर्ज नहीं है। ऐसे मामलों में लाभुकों को सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा कराने का मौका दिया जा रहा है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार झारखंड में करीब 60.20 लाख राशन कार्ड हैं। इन कार्डों से लगभग 2.63 करोड़ लाभुक जुड़े हुए हैं। ऐसे में राशन कार्ड की स्थिति की जांच करना लाखों परिवारों के लिए जरूरी हो गया है।
अगर आपके परिवार के पास राशन कार्ड है, तो उसकी स्थिति एक बार जरूर जांच लें। खासकर लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले और ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुक इस प्रक्रिया को नजरअंदाज न करें।
राशन कार्ड या पीडीएस से जुड़ी किसी परेशानी अथवा शिकायत के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर: 1800-212-5512 और 1967



