Jamshedpur. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपकर धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि कुछ जरूरी दस्तावेजों की कमी के कारण प्रस्ताव राज्य सरकार को वापस भेजा गया था. इसके बाद करीब 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से संबंधित दस्तावेज केंद्र को उपलब्ध नहीं कराये गये हैं. सांसद ने कहा – उन्होंने हाल में डीएफओ और पीसीसीएफ से भी इस मामले में बातचीत की है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि भविष्य में यदि प्रस्ताव की जांच के दौरान कोई दस्तावेज या जानकारी कम पायी जाती है, तो प्रस्ताव को दोबारा वापस भेजने के बजाय सीधे राज्य सरकार से संबंधित दस्तावेज मंगाये जायें. केंद्रीय मंत्री ने इस सुझाव पर सहमति जतायी.
वहीं, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी संघर्ष को रोकने और हाथियों के प्राकृतिक गलियारों को सुरक्षित रखने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. चारों राज्यों में हाथी संरक्षण के लिए करीब 500 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है. इसके तहत प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और संरक्षण व्यवस्था मजबूत करने के साथ हाथी कॉरिडोर को लेकर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जायेगा. यह जानकारी जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और वन महानिदेशक सुशील अवस्थी के साथ हुई मुलाकात में मिली. दिल्ली में हुई इस बैठक में चाकुलिया क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष और हाथी कॉरिडोर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.


