रांची. जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदियों के उफान पर आने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. प्रशासन ने पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.
जमशेदपुर और आदित्यपुर को जोड़ने वाले पुराने छोटे पुल से सटकर पानी बह रहा है. सोशल मीडिया में चल रही सूचनाओं के अनुसार छोटे पुल का फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो चुका है जो पानी के तेज बहाव की टक्कर से लगातार चिंता को बढ़ा रहा है. प्रशासन को इसे गंभीरता से लेने का अनुरोध किया गया है.
खतरे के निशान से ऊपर बह रही खरकई नदी
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.21 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निर्धारित निशान (129 मीटर) से 0.21 मीटर ऊपर है. बीते 24 घंटों में 31 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. अगर कैचमेंट एरिया में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति और भी भयावह रूप ले सकती है.
कई बांधों के खोले गए फाटक, बढ़ा जलप्रवाह
जलस्तर के दबाव को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न बैराजों और जलाशयों के गेट खोल दिए गए हैं:
- गंजिया बैराज: बैराज में पानी का स्तर 134.50 मीटर पहुंचते ही सभी 8 गेट खोल दिए गए हैं, जहां से 1013.09 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
- बयांग्विल डैम (ओडिशा): डैम के दो गेट खोलकर 43.23 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है.
- खरकई डैम (ओडिशा): जलस्तर 311.53 मीटर होने पर दो गेटों के जरिए 106.78 क्यूसेक पानी नदी में बहाया जा रहा है.
मानगो और आदित्यपुर के निचले इलाकों में अलर्ट और लाउडस्पीकर से घोषणाएं
बाढ़ की आशंका को देखते हुए मानगो नगर निगम और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है. मानगो के तटीय इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी जा रही है.
प्रशासन ने तटीय बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को हिदायत दी है कि वे नदी के पास न जाएं और जलस्तर बढ़ते ही तुरंत सुरक्षित तथा ऊंचे स्थानों पर चले जाएं.
शेल्टर होम तैयार, अफवाहों से बचने की अपील
संभावित विस्थापन और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविरों और शेल्टर होम में पेयजल, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त कर दी गई हैं. सभी संबंधित अधिकारियों और राहत टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है.
प्रशासन ने आम जनता से घबराने के बजाय सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है.




