रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों के आंदोलन ने आज विस्फोटक रूप ले लिया. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच रविवार को वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद विधानसभा घेराव किया गया.
राज्यभर से जुटे हजारों परीक्षार्थियों ने राजधानी रांची में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए झारखंड विधानसभा का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा. वहीं, आंदोलन के बीच प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है.
10 हजार से अधिक छात्र पहुंचे रांची, 6 बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा तक घुसे
सोमवार को JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर बुलाए गए विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य के कोने-कोने से लगभग 10 हजार से अधिक छात्र रांची पहुंचे. प्रशासन द्वारा जगह-जगह रास्तों को सील करने और बसों को रोकने के बावजूद लगभग 5,000 छात्र सुरक्षा चक्रों को भेदते हुए विधानसभा के मुख्य द्वार (गेट नंबर-1) तक पहुंच गए.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों के आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए आधे दर्जन (6 से अधिक) सुरक्षा बैरिकेडिंग को एक-एक कर तोड़ दिया और विधानसभा परिसर के काफी करीब पहुंच गए. छात्रों का दावा है कि झारखंड गठन के 26 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब छात्र प्रदर्शन करते हुए विधानसभा के इतने भीतर तक घुसने में सफल रहे.
लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले; बारिश में भी डटे रहे छात्र
जैसे ही छात्रों का हुजूम विधानसभा के गेट नंबर-1 पर जमा हुआ, स्थिति अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई. स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज कर दिया. पुलिस के लाठी उठाते ही कई छात्र अनोखी तरकीब अपनाते हुए राष्ट्रगान गाने लगे, तो कुछ पानी की बौछारों के बीच ही विरोध जताते दिखे.
दोपहर में तेज बारिश शुरू होने के बावजूद छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ. छात्र बारिश के बीच भी गेट नंबर-1 पर डटे रहे और सरकार व आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे. पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो खुद को तिरंगे में लपेटकर और अस्पताल के स्ट्रेचर पर बैठकर प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे.
JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार
एक तरफ जहां सड़कों पर छात्रों का उग्र प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर JPSC परीक्षा विवाद की जांच के क्रम में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई.
पुलिस व जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है. माना जा रहा है कि JPSC की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और कथित धांधली के सिलसिले में उनकी गिरफ्तारी हुई है. इस कार्रवाई को छात्रों के बढ़ते दबाव और आंदोलन के असर के रूप में देखा जा रहा है.
राजनीतिक गरमाहट और राहुल गांधी का बयान
छात्रों के आंदोलन और उन पर हुए लाठीचार्ज के बाद राज्य का राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा की. उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग गलत है, बातचीत से ही समाधान निकाला जाना चाहिए और झारखंड सरकार को तुरंत छात्रों की बात सुनकर समस्या सुलझानी चाहिए.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने भी छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया. इस पर पलटवार करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे गैर-लोकतांत्रिक करार दिया. वहीं, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की सभी मांगों पर गंभीर है और बातचीत के जरिए हल निकालने का प्रयास कर रही है.
फिलहाल विधानसभा क्षेत्र के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. छात्र संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.



