टाटा मुंबई मैराथन के दौरान अपनी ही एक महिला सहकर्मी (लेफ्टिनेंट कर्नल) का पीछा करने और उन्हें परेशान करने के आरोप में भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आरोपी अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 73 (स्टॉकिंग) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता महिला अधिकारी, जो कि एक ‘सिंगल मदर’ हैं, ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना इस साल 18 जनवरी को आयोजित मुंबई मैराथन के दौरान हुई थी. जब वह दौड़ में हिस्सा ले रही थीं, तब आरोपी अधिकारी ने उनके करीब आने और उनसे जबरन संपर्क साधने की कोशिश की थी.
छवि खराब करने का भी आरोप
पीड़ित महिला अफसर का आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने सोशल मीडिया पर उनके साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी अपलोड की थीं. उनका दावा है कि आरोपी ने यह कदम सार्वजनिक रूप से उनकी छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के इरादे से उठाया था.
पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह दोनों अधिकारियों के बीच का पहला विवाद नहीं है. पीड़ित महिला अफसर इससे पहले भी साल 2023 और 2025 में देहरादून में आरोपी के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा चुकी हैं. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अफसर फिलहाल देहरादून वाले एक मामले में जमानत पर बाहर है, और उसकी जमानत रद्द कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया पहले से ही पेंडिंग है.
यह मामला शुरुआत में कोलकाता पुलिस को एक ईमेल के जरिए प्राप्त हुआ था, जिसे बाद में घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र के आधार पर मुंबई की आजाद मैदान पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया. मुंबई पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है.





