रांची. देश के कई राज्यों के साथ-साथ झारखंड में भी इस समय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रशासनिक प्रक्रिया की आड़ में अब साइबर ठग और अपराधी पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। वे आम नागरिकों को झांसा देने के लिए लगातार फर्जी ई-मेल भेज रहे हैं। इस बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए चुनाव आयोग ने देश के सभी मतदाताओं के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है।
किस तरह से दिया जा रहा है झांसा?
साइबर अपराधियों द्वारा भेजे जा रहे इन फर्जी ई-मेल में दावा किया जा रहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गई हैं। ठग यह डर दिखाते हैं कि तकनीकी कारणों या कमियों की वजह से आपका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
घबराहट में लोग तुरंत कार्रवाई करने के चक्कर में उनके जाल में फंस जाते हैं। ई-मेल में एक संदिग्ध लिंक भी अटैच होता है, जिस पर क्लिक करके नाम दोबारा सूची में जुड़वाने के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या गोपनीय दस्तावेज मांगे जाते हैं।
चुनाव आयोग की सख्त चेतावनी और निर्देश
इस तरह की ठगी की बढ़ती वारदातों के बीच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने जनता से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि:
- किसी भी संदिग्ध ई-मेल या अनजान लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।
- अपनी कोई भी निजी जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
- जिला निर्वाचन कार्यालय या निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी की ओर से इस तरह के ई-मेल के जरिए कभी कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाते हैं।
सही जानकारी और सत्यापन के लिए अपनाएं ये तरीके
यदि आपको मतदाता सूची से जुड़ी कोई भी जानकारी प्राप्त करनी है या दस्तावेजों का सत्यापन कराना है, तो किसी भी अनधिकृत लिंक का उपयोग करने के बजाय अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से सीधे संपर्क करें। इसके अलावा, प्रामाणिक और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाओं के लिए हमेशा आधिकारिक ECINET ऐप या चुनाव आयोग के पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। थोड़ी सी सावधानी आपको साइबर ठगी के बड़े शिकार होने से बचा सकती है।


