नई दिल्ली. भारतीय उद्योग जगत और राजनीतिक गलियारों से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश की दिग्गज सुरक्षा सेवा प्रदाता कंपनी एसआईएस ग्रुप (SIS Group) के संस्थापक चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सदस्य डा. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार को नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। देश भर के दिग्गज नेताओं, उद्योगपतियों और उनके प्रशंसकों ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
शुरुआती जीवन और जेपी आंदोलन से जुड़ाव
बिहार के भोजपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले आरके सिन्हा का जीवन संघर्ष और प्रेरणा की एक अनूठी मिसाल रहा है। युवा अवस्था में उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी कार्य किया और युद्ध संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद, देश के महान समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण (जेपी) के विचारों से प्रभावित होकर वे लोकनायक के आंदोलन में सक्रिय रूप से कूद पड़े। जेपी आंदोलन के दौरान उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक बदलाव में अहम भूमिका निभाई और जल्द ही जनता के बीच अपनी एक मजबूत पहचान बनाई।
भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में थे शामिल
राजनीतिक सफर की बात करें तो आरके सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शुरुआती संस्थापकों और शीर्ष स्तंभों में से एक थे। पार्टी के गठन के शुरुआती दौर से ही वे संगठन को मजबूत करने में शिद्दत से जुटे रहे। बिहार भाजपा में उन्हें एक वैचारिक और मार्गदर्शक के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त था। अपनी संगठन कौशल और जनसेवा के बलबूते पर वे बाद में देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य भी निर्वाचित हुए, जहां उन्होंने संसद के माध्यम से देश के विकास और नीतियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शून्य से शिखर तक: एसआईएस ग्रुप की स्थापना
राजनीति के साथ-साथ उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में आरके सिन्हा ने जो मुकाम हासिल किया, वह युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है। उन्होंने बेहद साधारण शुरुआत करते हुए एसआईएस (Security and Intelligence Services) ग्रुप की नींव रखी थी। अपनी कड़ी मेहनत, दूरदर्शिता और अटूट दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने इस छोटे से उद्यम को भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने वाली एक विशाल बहुराष्ट्रीय कंपनी में बदल दिया। आज यह कंपनी देश-विदेश में लाखों युवाओं को रोजगार मुहैया कराने वाले सबसे बड़े सुरक्षा संस्थानों में शुमार है।
अंतिम दर्शन और शोक संवेदनाएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिवंगत आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक राज्य बिहार की राजधानी पटना स्थित अन्नपूर्णा भवन, पाटलिपुत्र लाया जाएगा, जहां उनके करीबी, राजनीतिक सहयोगी और आम जनता अपने प्रिय नेता व अभिभावक को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। उनके निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित तमाम शीर्ष राजनेताओं ने शोक संवेदनाएं प्रकट की हैं।
आरके सिन्हा का जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके द्वारा छोड़े गए विचार, सामाजिक कार्य और उद्यमिता की गाथा हमेशा देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।


