चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम में भारी तबाही मची है, जहां 125 से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ दिए तथा कई जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की गई है।
रांची. बंगाल की खाड़ी से उठा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़कर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है, लेकिन इसका व्यापक और खतरनाक असर देश के कई राज्यों पर साफ दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम में भारी तबाही मची है, जहां 125 से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ दिए तथा कई जिलों में फ्लैश फ्लड (आकस्मिक बाढ़) की चेतावनी जारी की गई है।
झारखंड में चक्रवात का प्रभाव
चक्रवात के लैंडफॉल के बाद नमी और कम दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड के मौसम में भी भारी उलटफेर देखने को मिला है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। झारखंड में चक्रवात के असर से रामगढ़, खूंटी, रांची और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में लगातार बादल छाए रहने के साथ रिमझिम से लेकर तेज बारिश दर्ज की गई है।
इस अचानक बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे कनकनी और ठंड बढ़ गई है। खराब मौसम और सुरक्षा एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कक्षाओं को स्थगित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। धान की खड़ी फसलों और कृषि कार्यों को भी इस बेमौसम बारिश से नुकसान की आशंका जताई गई है।
जमशेदपुर और आसपास हो रही बारिश
कोल्हान क्षेत्र और टाटा नगरी जमशेदपुर तथा इसके आसपास के इलाकों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) में भी चक्रवात ‘अर्णब’ का असर पूरी तरह महसूस किया जा रहा है।
मौसम का मिजाज: तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला। कोल्हान क्षेत्र में हवा की गति लगभग 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक आंकी गई, जिससे शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई।
जनजीवन और सुरक्षा: लगातार हो रही मानसूनी-नुमा बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर के तापमान में गिरावट आई है। हालांकि कुछ समय के लिए बारिश थमने से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
सतर्कता की अपील: निचले इलाकों में जलभराव और भारी हवाओं के कारण पेड़ों की डाली टूटने जैसी संभावित समस्याओं से निपटने के लिए स्थानीय निकायों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों और वाहन चालकों को खराब दृश्यता और फिसलन भरे रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
13 जिलों के फ्लैश फ्लड की चेतावनी, कई राज्यों में असर
चक्रवात के असर से गुरुवार को भी भारी वर्षा जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए मध्यम से उच्च स्तर की आकस्मिक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात का वर्षा के रूप में असर अभी कई राज्यों में बना रहेगा। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को तेज वर्षा हो सकती है। तेलंगाना और विदर्भ में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है। बिहार में भी दो-तीन दिनों तक भारी वर्षा हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है।


