जमशेदपुर. शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बिष्टुपुर स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की बहुमंजिला इमारत में देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. देखते ही देखते इमारत की चौथी मंजिल से धुएं के गुबार और ऊंची लपटें निकलने लगीं. गनीमत यह रही कि हादसा आधी रात के बाद हुआ, जिससे किसी जान-माल के बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है.
रात 2 बजे सुरक्षाकर्मियों ने सबसे पहले देखीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, रात लगभग 2 बजे के बाद एलआईसी इमारत के ऊपरी हिस्से में अचानक धुआं भर गया और लपटें उठती दिखाई दीं. ऑन-ड्यूटी सुरक्षा गार्डों ने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन तथा फायर ब्रिगेड को सूचित किया. मध्य रात्रि का समय होने के कारण क्षेत्र में सन्नाटा था, लेकिन आग की भीषणता को देखते हुए परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
टाटा स्टील और झारखंड अग्निशमन विभाग का संयुक्त मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग के साथ-साथ टाटा स्टील की त्वरित प्रतिक्रिया टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. करीब चार दमकल वाहनों को मोर्चे पर तैनात किया गया. चौथी मंजिल तक पानी की बौछारें पहुंचाने और धुएं के बीच आग के स्रोत तक पहुंचने में दमकलकर्मियों को काफी संघर्ष करना पड़ा. करीब तीन घंटे की निरंतर मशक्कत के बाद अग्निशमन दल ने आग पर आंशिक रूप से काबू पाने में सफलता हासिल की. धुएं के फैलाव को रोकने के लिए आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोककर एहतियात बरती गई.
कॉन्फ्रेंस हॉल में लगी आग, बड़े नुकसान से बचाव की उम्मीद
हादसे की खबर मिलते ही एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारी भी देर रात ही मौके पर पहुंचे. शुरुआती जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आग चौथी मंजिल पर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल वाले हिस्से में लगी थी. चूंकि इस तल पर मुख्य रूप से बैठक कक्ष है और दैनिक कामकाज से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें या रिकॉर्ड्स अन्य सेक्शन में हैं, इसलिए शुरुआती तौर पर संपत्ति के कम नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट लग रही है. हालांकि, पूरी तरह से कूलिंग ऑपरेशन समाप्त होने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और एलआईसी अधिकारियों का दल चौथी मंजिल का विस्तृत निरीक्षण करेगा. जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों, इमारत को पहुंचे नुकसान और प्रभावित सामग्रियों का सटीक ब्योरा सामने आ सकेगा.



